Pratahkal - Main News Update - Announcement of BJP national office bearers
नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार को राष्ट्रीय पदाधिकारियों (National Officials) का ऐलान कर दिया है। जारी सूची में कुल 38 नाम शामिल हैं। पार्टी के इस ताजा कदम से लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha Election 2024) के संकेत भी मिल रहे हैं। खास बात है कि भाजपा ने ताजा फेरबदल में एक ओर जहां पश्चिम बंगाल के दिग्गज दिलीप घोष (Veteran Dilip Ghosh) जैसे दिग्गजों को बाहर कर दिया। वहीं, कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार रक्षा मंत्री रहे एके एंटनी के बेटे अनिल को सचिव पद दिया है।
नई सूची का लेखा जोखा
13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महासचिव, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री, सह संगठन महामंत्री, 13 राष्ट्रीय सचिव, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एवं सह कोषाध्यक्ष शामिल हैं। इन पदाधिकारियों में 9 महिलाएं हैं। राष्ट्रीय महासचिवों में इस बार किसी महिला को स्थान नहीं मिला है लेकिन 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में पांच और 13 राष्ट्रीय सचिवों में चार महिलाएं हैं।
दो मुस्लिम नेता बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा की इस नई टीम में मुस्लिम नामों की भी मौजूदगी है। पार्टी ने केरल से आने वाले अब्दुल्ला कुट्टी और उत्तर प्रदेश से तारीक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर रखा है। सह संगठन महामंत्री पद पर शिवप्रकाश को लखनऊ भेजे जाने को बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इसे मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है।
कांग्रेस दिग्गज के बेटे बने राष्ट्रीय सचिव
खास बात है कि भाजपा ने केरल से ही आने वाले दिग्गज कांग्रेस नेता एके एंटनी के बेटे अनिल को राष्ट्रीय सचिव पद पर नियुक्ति किया है। एके एंटनी कांग्रेस की अगुवाई वाली केंद्र सरकार में रक्षा मंत्री रह चुके हैं। जनवरी में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर तैयार बीबीसी की डॉक्युमेंट्री विवाद पर सवाल उठाने के बाद हुए तनाव के बीच उन्होंने कांग्रेस को अलविदा कह दिया था। अब जब भाजपा दक्षिण भारत में विस्तार की कोशिशों में लगी हुई है, तो अनिल एंटनी की नई जिम्मेदारी भी अहम साबित हो सकती है। उन्होंने इस्तीफा देते समय कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए थे। भाजपा की तरफ से जारी ताजा सूची में महाराष्ट्र सरकार में मंत्र रह चुकीं पंकजा मुंडे का नाम भी बरकरार है। उन्हें इस बार भी पार्टी ने राष्ट्रीय सचिव ही बनाया है। संभावनाएं हैं कि मुंडे को लिस्ट में बनाए रखने के जरिए भाजपा उनकी नाराजगी दूर करने के मूड में है। लगातार खबरें आती रही हैं कि वह पार्टी से ही नाराज चल रही हैं। मुंडे साल 2019 में महाराष्ट्र विधान चुनाव हार गईं थीं। इधर, जनवरी में ही महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले साफ कर चुके हैं कि कुछ लोग पार्टी और मुंडे के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

Editorial

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