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अखिल भारतीय शिक्षा समागम में राजस्थान के शैक्षिक नवाचारों और फ्लैगशिप योजना की गूंज
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नई दिल्ली (New Delhi) के आईटीपीओ (ITPO), प्रगति मैदान में शनिवार को आरम्भ हुए दो दिवसीय अखिल भारतीय शिक्षा समागम में राजस्थान (Rajasthan) में स्कूली शिक्षा के नवाचार और फ्लैगशिप योजनाओं (Flagship Plans) को खूब सराहा गया।

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जयपुर : नई दिल्ली (New Delhi) के आईटीपीओ (ITPO), प्रगति मैदान में शनिवार को आरम्भ हुए दो दिवसीय अखिल भारतीय शिक्षा समागम में राजस्थान (Rajasthan) में स्कूली शिक्षा के नवाचार और फ्लैगशिप योजनाओं (Flagship Plans) को खूब सराहा गया। स्कूल शिक्षा विभाग के शासन सचिव नवीन जैन ने शिक्षा समागम के पहले दिन आयोजित 'एक्सेस टू क्वालिटी एजुकेशन एंड गवर्नेस' के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में प्रदेश में स्कूल शिक्षा में चलाई जा रही फ्लैगशिप योजनाओं के साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों के समन्वय, बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने की पहल, 10 वीं कक्षा के बाद विद्यार्थियों को स्ट्रीम और विषय चयन में मार्गदर्शन के लिए इस शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में चलाए गए 'डायल फ्यूचर' कार्यक्रम, नो-बैग डे के तहत अलग-अलग थीम पर गतिविधियों के आयोजन जैसे नवाचारों पर प्रस्तुतीकरण दिया।
जैन ने नई शिक्षा नीति के सन्दर्भ में राजस्थान के नवाचारों की व्याख्या करते हुए बताया कि राजस्थान के स्कूलों में 'नो बैग डे के तहत शनिवार को संविधान की उद्देश्यिका और मूल कर्तव्यों के पठन 'सुरक्षित स्कूल, सुरक्षित राजस्थान (गुड टच बैड टच), तम्बाकू से बचाव, सड़क सुरक्षा और बी-स्मार्ट जैसी गतिविधियों को शामिल करते हुए विस्तृत कैलेंडर तैयार किया गया है।
उन्होंने बताया कि नए सत्र की शुरूआत में सरकारी सीनियर सैकेंडरी स्कूलों में 10वीं कक्षा उत्तीर्ण कर चुके विद्यार्थियों को आगामी कक्षाओं के लिए स्ट्रीम और विषय चयन में मार्गदर्शन के लिए चलाए गए 'डायल फ्यूचर (भविष्य की राह) कार्यक्रम में 87 हजार से अधिक विद्यार्थियों को सीधे तौर पर लाभान्वित किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के इस इनिशिएटिव के तहत राज्य के सभी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में संचालित कॅरियर काउंसलिंग कार्यक्रम में 'पथ प्रदर्शक' के रूप में चयनित टीचर्स ने मौके पर छात्र-छात्राओं को 'भविष्य की राह बताई, वहीं विभाग के तहत अलग-अलग सम्भागों के स्तर गठित 'हेल्प डेस्क' के माध्यम से भी विद्यार्थियों को फोन पर 'गाइडेंस' दिया गया।
जैन ने कहा कि 'डायल फ्यूचर कार्यक्रम की सफलता और उपयोगिता के बारे में मिली रिपोर्ट्स एवं फीडबैक के आधार पर अब विभाग द्वारा पूरे सत्र में विद्यार्थियों की 'हेल्प डेस्क' के जरिए सतत करियर काउंसलिंग का निर्णय लिया गया है। इसके लिए उदयपुर में राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (आरएससीईआरटी) द्वारा पूरे प्रदेश के लिए स्थाई हेल्पलाइन आरम्भ कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इस पर राज्य के विद्यार्थी सम्पर्क कर कॅरियर परामर्श विशेषज्ञ से बात कर अपने भविष्य की राह चुन सकते हैं।

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