✕
बिश्नोई समेत कई गैंगस्टर्स को अंडमान की जेलों में किया जाए शिफ्ट
By EditorialPublished on
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने दिल्ली, पंजाब और हरियाणा की जेलों में बंद 10-12 गैंगस्टर्स को ट्रांसफर (10-12 Gangsters Transferred) करने के लिए गृह मंत्रालय के साथ चर्चा की है। इन गैंगस्टरों को अंडमान और निकोबार द्वीप (Andaman and Nicobar Islands) समूह ट्रांसफर करने की मांग की गयी है। इन पर पीछे से जेल में अपने क्राइम सिंडिकेट संचालित करने का संदेह है।

x

नई दिल्ली : राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने दिल्ली, पंजाब और हरियाणा की जेलों में बंद 10-12 गैंगस्टर्स को ट्रांसफर (10-12 Gangsters Transferred) करने के लिए गृह मंत्रालय के साथ चर्चा की है। इन गैंगस्टरों को अंडमान और निकोबार द्वीप (Andaman and Nicobar Islands) समूह ट्रांसफर करने की मांग की गयी है। इन पर पीछे से जेल में अपने क्राइम सिंडिकेट संचालित करने का संदेह है। इससे पहले गृह मंत्रालय को लिखे पत्र में एनआईए (NIA) ने उत्तर भारत की जेलों से कम से कम 25 गैंगस्टरों को दक्षिणी राज्यों में स्थानांतरित करने की मांग की थी। इस सूची में पंजाबी गायक सिद्ध मूसेवाला की हत्या का मुख्य आरोपी लॉरेंस बिश्नोई भी शामिल है।
डिब्रूगढ़ जेल में भी कर सकते हैं ट्रांसफर
गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि प्रारंभिक प्रस्ताव गैंगस्टरों को दक्षिण भारत की जेलों में स्थानांतरित करने का था, लेकिन यह एक लंबी प्रक्रिया होगी क्योंकि इसके लिए राज्य सरकारों से अनुमति लेनी होगी। सूत्रों के मुताबिक, चूंकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह एक केंद्र शासित प्रदेश है और इसका प्रशासन गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है इसलिए इस प्रक्रिया में कम समय लगेगा। एजेंसी वर्तमान में कानूनी राय भी मांग रही है। सूत्रों के मुताबिक, एनआईए गैंगस्टरों को असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में स्थानांतरित करने के विकल्प पर भी विचार कर रही है, जहां वारिस पंजाब डी प्रमुख अमृतपाल सिंह और उनके सहयोगी वर्तमान में बंद हैं।
जेल से चला रहे थे क्राइम सिंडिकेट
अगस्त 2022 में, एनआईए ने उत्तरी राज्यों में कई गैंगस्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थीं। इसमें भारत और विदेश में स्थित एक क्राइम सिंडिकेट द्वारा आतंकवादी हमलों और सनसनीखेज अपराधों को अंजाम देने के लिए धन जुटाने और युवाओं की भर्ती करने की साजिश का आरोप लगाया गया था । इन अपराधों में लोगों के मन में आतंक पैदा करने के इरादे से बड़ी शख्सियतों को टारगेट किलिंग भी शामिल थीं।
जेलों में रची गयी हत्या की साजिश
सूत्रों ने बताया कि मामले की जांच के दौरान एनआईए ने पाया कि इनमें से अधिकतर गैंगस्टर सलाखों के पीछे से काम कर रहे थे। हछू जांच में पाया गया है कि कई राज्यों की जेलों में कई हत्या की साजिश रची गई थी और विदेश स्थित गुर्गों के एक संगठित नेटवर्क द्वारा उन्हें अंजाम दिया गया था। एनआईए के एक अधिकारी ने कहा कि हम आतंकवादियों, गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों के बीच बढ़ती सांठगांठ को खत्म करने और उनकी फंडिंग और बुनियादी ढांचे को खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं। मई में तिहाड़ जेल प्रशासन ने दिल्ली सरकार के गृह विभाग को एक लिखित प्रस्ताव भी भेजा था, जिसमें सुरक्षा के आधार पर विचाराधीन कैदियों को दूसरे राज्यों में ट्रांसफर करने की मांग की गई थी। इसने कैदी स्थानांतरण अधिनियम में संशोधन की भी मांग की थी ताकि जेल प्रशासन राज्य की अनुमति के बिना किसी गैंगस्टर को स्थानांतरित कर सके।

Editorial
Next Story
Related News
X
