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शिप्रा लैब पर सीएमएचओ का छापा, सिटी स्कैन में काम आने वाली सरकारी दवाइयां बरामद
By EditorialPublished on
चिकित्सा एवं विभाग (Medical & Department) की ओर से गुरूवार को कोर्ट चौराहे पर स्थित शिप्रा लैब (Shipra Lab) पर अचानक छापा मार कार्यवाही करते हुए इस लैब से सिटी स्कैन में काम आने वाली सरकारी दवाइयां बरामद की। इस दौरान लैब मालिक, संचालक और अन्य नदारद रहे। जिस पर विभाग की ओर से हाथीपोल थाने में एक प्रकरण दर्ज करवाया गया है।

उदयपुर : चिकित्सा एवं विभाग (Medical & Department) की ओर से गुरूवार को कोर्ट चौराहे पर स्थित शिप्रा लैब (Shipra Lab) पर अचानक छापा मार कार्यवाही करते हुए इस लैब से सिटी स्कैन में काम आने वाली सरकारी दवाइयां बरामद की। इस दौरान लैब मालिक, संचालक और अन्य नदारद रहे। जिस पर विभाग की ओर से हाथीपोल थाने में एक प्रकरण दर्ज करवाया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (Chief Medical and Health Officer) डॉ शंकर एच बामनिया ने बताया सूचना मिली शिप्रा लैब पर अवैध रूप से सरकारी दवाईयों का प्रयोग किया जा रहा है, जो कि केवल सरकारी लैब में ही काम ली जा सकती है। इस सूचना पर सीएमएचओ डॉ. शंकर एच बामनिया के नेतृत्व में औषधि नियंत्रक नेहा बंसल, कुलदीप सिंह यदुवंशी, डॉ मोहन धाकड़, डॉ अंकित जैन, राजेन्द्र सोलंकी की टीम ने इस लैब पर जाकर छापा मारा। डॉ. बामनिया ने बताया कि कार्यवाही के समय कंसल्टेंट डॉ भरत जैन एम डी रेडियोलॉजिस्ट से सम्पर्क करने पर हेल्पर रवि ने स्टोर का निरीक्षण करवाया, जिसमें किसी प्रकार की सामग्री नहीं पाई गई। जांच टीम द्वारा जब सिटी स्कैन रूम खुलवाया गया तो रूम में लगे फर्नीचर की दराजों में सरकारी दवाइयां प्राप्त हुई। साथ ही वेस्ट के दो पैकेट में खाली सरकारी इंजेक्शन वाइल प्राप्त हुई, जो सिटी स्कैन के लिए मरीजों को दी जाती है। यहां से 296 खाली वाइल पर सरकारी छाप लगी हुई मिली। स्टाफ रवि ने स्वीकार किया कि हैक्सोल इंजेक्शन की 50 एमएल की वाइल मरीजों को लगाई जाती है। ये कहां से प्राप्त होती है इसके बारे उसने अनभिज्ञता जाहिर की। टीम द्वारा क्लिनिक स्टेब्लिशमेंट, बायोवेस्ट मैनेजमेंट और अन्य दस्तावेज मांगने पर कोई दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं करवाया गया। सरकारी दवाओं का निजी लैब द्वारा दुरुपयोग करने पर इसका प्रकरण हाथीपोल थाने में दर्ज करवाया गया है। टीम के सम्पर्क करने के बाद भी शिप्रा लेब से कोई भी व्यवस्थापक और मालिक उपस्थित नहीं हुए । उपस्थित स्टाफ से पूछताछ करने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सिटी स्कैन लेब को सील कर दिया गया ।

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