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अविश्वास प्रस्ताव पर 'इंडिया में अनबन !
By EditorialPublished on
मॉनसून सत्र (Monsoon Session) शुरू होने के बाद से ही विपक्षी गठबंधन इंडिया (India) के सदस्य मणिपुर (Manipur) हिंसा को लेकर प्र. म. मोदी (PM Modi) और केंद्र सरकार (Central Government) को लगातार घेर रहे हैं। इसके लिए पूरी रणनीति के साथ काम हो रहा है।

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नई दिल्ली : मॉनसून सत्र (Monsoon Session) शुरू होने के बाद से ही विपक्षी गठबंधन इंडिया (India) के सदस्य मणिपुर (Manipur) हिंसा को लेकर प्र. म. मोदी (PM Modi) और केंद्र सरकार (Central Government) को लगातार घेर रहे हैं। इसके लिए पूरी रणनीति के साथ काम हो रहा है। इसमें विपक्ष के नेताओं के दफ्तरों में डेली बेसिस पर सुबह होने वाली बैठकों का शेड्यूल तय करना हो या फिर आप के निलंबित सांसद संजय सिंह के साथ एकजुट होकर बैठना भी शामिल है। लेकिन 26 जुलाई को विपक्ष की इस एकता में गतिरोध आ गया।
दरअसल, लोकसभा (Lok Sabha) में कांग्रेस (Congress) नेता गौरव गोगोई ने सुबह 9120 बजे अविश्वास प्रस्ताव सौंप दिया। जबकि विपक्षी गठबंधन इंडिया के सदस्य सुबह 10 बजे अपनी नियमित बैठक के लिए एकत्र हुए थे। जब उन्हें इस बारे में पता चला तो विपक्षी दलों के नेताओं ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने स्थिति को संभाल और गठबंधन के साथी सदस्यों को शांत किया। विपक्ष के एक नेता ने कहा कि जो अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपा गया था, उस पर साइन करने वाले 49 लोगों को भी भाजपा सरकार को स्पष्ट और जोरदार संदेश देने के लिए एकजुट होकर प्रक्रिया को आगे बढ़ाना था, हमें मैसेज देना था कि हम सब एकसाथ हैं, लेकिन कांग्रेस अकेले चली गई।
खड़गे ने कहा- ऐसा दोबारा नहीं होगा
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसके लिए माफी मांगी और आश्वासन दिया कि इस मुद्दे पर ध्यान दिया जाएगा। इसे दोबारा नहीं दोहराया जाएगा। समाजवादी पार्टी, शिवसेना, लेफ्ट और डीएमके समेत कई नेताओं ने कांग्रेस के अकेले नोटिस सौंपने का मुद्दा उठाया। एक वरिष्ठ सांसद ने कहा कि खड़गेजी ने कहा कि कुछ गलत कम्युनिकेट हुआ था और मुझे इसके लिए खेद है। इस मामले को सुलझा लिया गया है।

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