Pratahkal-Expressed gratitude to the CM Ashok Gehlot on the announcement of the Jain Shraman Culture Board
जयपुर । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत CM Ashok Gehlot) ने जैन धर्म, साधु संतों, परंपराओं व साहित्य को सहेजने एक अभिनव कदम उठाया है। इस दिशा में गहलोत ने राजस्थान राज्य श्रमण संस्कृति बोर्ड के गठन के आदेश जारी कर दिये हैं। सरकार का यह कदम एक बेहतर समाज का निर्माण करने में सहायक साबित होगा। यह कहना है मेवाड़ संघ मुबई के अध्यक्ष नेमीचंद धाकड का। महामंत्री महावीर तातेड व कोषाध्यक्ष लक्ष्मीलाल वडालमिया ने बताया कि मेवाड़ संघ ने गहलोत को पत्र लिखकर इसके लिए आभार जताया है। यह बोर्ड जैन साधु-साध्वियों के विहार में उनकी सुरक्षा मामलों पर भी निगाह रखेगा। बोर्ड में श्वेतांबर, दिगंबर, तेरापंथी, स्थानकवासी आदि जैन समुदायों के 5 प्रतिनिधि गैर सरकारी सदस्य होंगे, जिनमें अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के अलावा तीन सदस्य होंगे। इन सभी की नियुक्ति राजस्थान सरकार करेगी। सरकारी सदस्यों में गृह विभाग, स्कूल शिक्षा, कला, साहित्य, संस्कृति पुरातत्व, देवस्थान, सामाजिक न्याय, अहिंसा व शांति विभाग, अल्पसंख्यक विभाग के सचिव या कमिश्नर बोर्ड में सदस्य के रूप में रहेंगे। यह जानकारी फूलचंद नाहर व प्रकाश नाहर ने दी।

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