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शिक्षक दुर्गाराम ने गुजरात मजदूरी के लिए ले जाई गई दो बालिकाओं को मुक्त करवाया
By EditorialPublished on
जिले के फलासिया थाना क्षेत्र से बीटी कपास कॉटन में मजूदरी के लिए मेट द्वारा ले जाई गई दो स्कूली बालिकाओं को शिक्षक दुर्गाराम मुवाल (Durgaram Muwal) ने मुक्त करवाई। इस दौरान जब बाल तस्करों (Child Traffickers) को यह पता चला तो उन्होंने कई वाहन बदले।

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उदयपुर : जिले के फलासिया थाना क्षेत्र से बीटी कपास कॉटन में मजूदरी के लिए मेट द्वारा ले जाई गई दो स्कूली बालिकाओं को शिक्षक दुर्गाराम मुवाल (Durgaram Muwal) ने मुक्त करवाई। इस दौरान जब बाल तस्करों (Child Traffickers) को यह पता चला तो उन्होंने कई वाहन बदले।
जानकारी के अनुसार फलासिया की मादड़ी पंचायत की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मादड़ी (Higher Secondary School Maddi) की कक्षा 8 में पढने वाली बालिका सारा (12) पुत्री ज्ञाना कसौटा निवासी तंबोलिया फला मादड़ी, ओपन बोर्ड की दसवीं कक्षा में पढने वाली दुर्गा कुमारी पुत्री स्व. जीवा कसोटा निवासी तंबोलिया फला मादड़ी को शुक्रवार शाम को बालश्रम के लिए बहला-फुसलाकर जालमोर ईडर गुजरात में बीटी कपास ओटने के लिए ले जाया गया था । जिसकी सूचना घर वालों को रात को पता लगी तो पहले घरवालों ने अपने स्तर से बालिकाओं को ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन पता नहीं चला तो अगले दिन दुर्गा कुमारी की माता ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मादड़ी की प्रिंसिपल जागृति मेघवाल को इस बारे में बताया गया।
प्रिंसिपल ने इस बारे में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पारगियापाड़ा के शिक्षक दुर्गाराम मुवाल को इस घटना से अवगत करवाया तो दुर्गाराम ने उसी समय अपनी टीम के साथ इन बालिकाओं का पता लगाना शुरू किया। बालिकाओं को ले जाने वाले किसी भी व्यक्ति की जानकारी घरवालों को नहीं होने से अपने स्तर पर दुर्गाराम ने पहले लड़कियों को ले जाने वाली गाड़ी का पता लगाकर उसके मालिक का पता लगाया। इस पर पता चला कि जगन्नाथपुरा निवासी सुरता इन बालिकाओं को लेकर गई हैं। सूरता नामक यह महिला गुजरात मजदूर ले जाने का कार्य करती रहती हैं।
दुर्गाराम ने अपनी टीम के साथी को सूरता के घर भेजा तो घर पर कोई नहीं मिला क्योंकि घरवालों को भनक लग गई थी कि दुर्गाराम को बालिकाओं के गुजरात ले जाने का पता चल गया हैं। रात तक यह खबर लड़कियों को लेकर जाने वाले एजेंटो तक पहुँच गई थी। दुर्गाराम इन बालिकाओं को बालश्रम से छुडवाने का प्रयास देर रात तक करते रहे, जिससे बालिकाओं को अगले दिन दोपहर तक वापस लाने में कामयाब हुए। बालिकाओं के साथ आसपास के और भी बच्चे थे। बालिकाओं को मादड़ी से गाड़ी से ले जाया गया, लेकिन डर के मारे मेट ने बच्चों को वापस घर भेजने के लिए मैक्स की जगह इको गाड़ी से ईडर भेजा, वो भी तीन गाडियों में बदल कर क्योंकि मेट को अंदेशा हो गया था कि उनका कोई पीछा कर रहा है। ईडर से मादड़ी बालिकाओं को मोटरसाइकिल से लाया गया। इस रेस्क्यू में मादड़ी के सरपंच प्रतिनिधि जगदीश कसौटा ने इन बालिकाओं को वापस लाने में दुर्गाराम का पूरा साथ दिया। इन सभी के कारण 24 घंटे के भीतर रेस्क्यू कर ली । बालश्रम एवं मानव तस्करी रोकने का कार्य दुर्गाराम पिछले 14 वर्षों से कर रहे हैं। बालश्रम एवं मानव तस्करी रोकने के कार्य में पुलिस विभाग उदयपुर दुर्गाराम की सहायता ले चुका हैं। दुर्गाराम के प्रयासों से इस क्षेत्र में मजदूरी करवाने वाले दलाल बच्चों को मजदूरी पर ले जाने से डरने लगे हैं, इनके डर से बालश्रम करवाने वाले काफी दलाल सरेंडर भी कर रहे हैं।

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