✕
वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एंड कंजर्वेशन इन अर्बन लैंडस्केपः इश्यूज एंड चैलेंजेज पर वर्कशॉप
By EditorialPublished on
सेंटर फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचुरल रिसोर्सेज एनवायरमेंट प्रोटक्शन एंड क्लाइमेट चेंज (Center for Conservation of Natural Resources Environment Protection and Climate Change) की ओर से मंगलवार को जेएलएन मार्ग स्थित राजस्थान वानिकी एवं वन्यजीव प्रशिक्षण संस्थान (RFWTI) में शहरी परिदृश्य में वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।

x

जयपुर : सेंटर फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचुरल रिसोर्सेज एनवायरमेंट प्रोटक्शन एंड क्लाइमेट चेंज (Center for Conservation of Natural Resources Environment Protection and Climate Change) की ओर से मंगलवार को जेएलएन मार्ग स्थित राजस्थान वानिकी एवं वन्यजीव प्रशिक्षण संस्थान (RFWTI) में शहरी परिदृश्य में वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।
सेंटर फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचुरल रिसोर्सेज एनवायरमेंट प्रोटक्शन एंड क्लाइमेट चेंज की अध्यक्ष एवं आरएफडब्ल्यूटीआई की निदेशक श्रीमती शैलजा देवल ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में विकास के लिए वृक्षों एवं जंगलों का कटाव भारी मात्रा में हो रहा है, जिससे वन्य जीवों का संरक्षण चुनौतीपूर्ण बन गया है। इससे ग्लोबल वार्मिंग एवं जैव विविधता पर दुष्प्रभाव भी पर्यावरण में देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि हमें आने वाली पीढ़ी के लिए वन्य जीवों का संरक्षण करना बहुत जरूरी है जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहे। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए डीसीएफ संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि वर्तमान में दुर्लभ वन्यजीवों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैर कानूनी तरीके से तस्करी की जाती है । तस्करी को रोकने के लिए उन्होंने उचित उपाय बताते हुए दिशा-निर्देश दिए।
डीएफओ रमेश मालपानी ने रेस्क्यूर टीम के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं।

Editorial
Next Story
Related News
X
