✕
श्रवण-चिंतन-मनन ये तीन गुण दिलाएंगे सफलता - जया किशोरी
By EditorialPublished on
मंगलवार को जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी (JECRC University) में हुआ राजस्थान (Rajasthan) के सबसे बड़े ओरिएंटेशन (Orientation) का शुभारंभ हुआ । कार्यक्रम में आए 6500 लोग, बच्चो के साथ उनके माता पिता ने भी शिरकत दी। आज के मुख्य व्यक्ता रहे स्पिरिचुअल और मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी और लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ।

x

जयपुर : मंगलवार को जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी (JECRC University) में हुआ राजस्थान (Rajasthan) के सबसे बड़े ओरिएंटेशन (Orientation) का शुभारंभ हुआ । कार्यक्रम में आए 6500 लोग, बच्चो के साथ उनके माता पिता ने भी शिरकत दी। आज के मुख्य व्यक्ता रहे स्पिरिचुअल और मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी और लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ । कार्यक्रम की शुरुवात अतिथियों और चेयरमैन, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी, ओ पी अग्रवाल और प्रेसिडेंट, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी विक्टर गंभीर द्वारा दीप प्रज्वलित कर की।
जया किशोरी ने बच्चो को दिए जीवन जीने के गुणः वो कहती है की श्रवण, चिंतन, मनन का पालन कीजिए, श्रवण यानी पहले सुनिए लोग क्या कह रहे है क्या सीख देना चाह रहे है फिर उस बात पे अपना चिंतन करिए, आंख बंद करके किसी की बात मत मानिए फिर आता है मनन जो बात आपके हिसाब से सही है। और जो आपके समाज के लिए सही उस काम पर अमल कीजिए, ये गुण आपको सफलता की और बढ़ाएगा। जाया किशोरी कहती है की जीवन एक लीला है और हम सब इस के किरदार, हमे कोशिश करनी चाहिए की हम अपना किरदार इतने अच्छे से निभाए की आप भले चले जाए पर आपका किरदार लोगो को याद रह जाए।
उन्होंने पैरेंट्स को संबोधित करते हुए कहा की आप उनके सबसे बड़े सपोर्ट सिस्टम बने, बाहर की दुनिया काफी है उन्हें नीचा दिखाने के लिए आप उसका साथ दीजिए। उन्होंने बच्चो से कहा की आप पास और फेल दोनो का प्लान तैयार रखिए, ताकि आपके पास उदास और हताश होने का समय न रहे साथ ही उन्होंने पॉजिटिविटी को लेकर बताया की इसका मतलब प्रॉब्लम्स और फीलिंग्स को इग्नोर करना नहीं बल्की उन्हे समझ कर आगे बढ़ना और वापिस मेहनत करना हैं।
ओरिएंटेशन के दूसरे मुख्य वक्ता लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने यूथ को संबोधित करते हुए कहा की लोग कहते है आज का यूथ डिजिटल दुनिया में ज्यादा इंवॉल्व है उससे असली दुनिया से खासा मतलब नही है, पर वो बताते है की विक्रम बत्रा जैसे लोग जो देश के लिए शहीद हो जाते है उनकी उम्र 24 से ज्यादा नही। उन्होंने कहा की जो लोग बड़े सपने देखते है वही दुनिया बदलते है, और उन्होंने कहा की जरूरी नहीं की आप आर्मी में आकर ही देश की सेवा कर सकते है, आप पूरी मेहनत और शिद्दत से अपना काम करिए इसी से होगी देश की प्रगति । आज का यूथ लीडरशिप की अनोखी खूबी रखता है, और उन्होंने मौजूद सभी लोगो को कहा की अगर आप एक जवान की इज्ज़त करना चाहते है तो ऐसे नागरिक बनिए जिनके लिए एक जवान की शहीदी बेकार न जाए।

Editorial
Next Story
Related News
X
