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रजत पालकी में सवार हो महाकालेश्वर का जल भ्रमण
By EditorialPublished on
श्रावण (Sharvan) के तृतीय सोमवार को आशुतोष भगवान श्री महाकालेश्वर (Shri Mahakaleshwar) की विधि विधान परम्परागत रूप से अभिजित मुहूत 12.15 बजे रजत पालकी में सवार हो जल भ्रमण पर निकले। जहां आशुतोष भगवान का नवजल से अभिषेक कर पूजा अर्चना की।

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उदयपुर : श्रावण (Sharvan) के तृतीय सोमवार को आशुतोष भगवान श्री महाकालेश्वर (Shri Mahakaleshwar) की विधि विधान परम्परागत रूप से अभिजित मुहूत 12.15 बजे रजत पालकी में सवार हो जल भ्रमण पर निकले। जहां आशुतोष भगवान का नवजल से अभिषेक कर पूजा अर्चना की।
सार्वजनिक प्रन्यास मंदिर श्री महाकालेश्वर के अध्यक्ष तेजसिंह सरूपरिया व प्रन्यास सचिव चन्द्रशेखर दाधीच ने बताया कि आशुतोष भगवान श्री महाकालेश्वर रजत पालकी में सवार हो सभा मण्डप से मंदिर परिक्रमा करते हुए गंगा घाट ले जाया गया। पालकी की आगे महिलाएं और पुरूष महादेव के जयकारें लगाते नृत्य करते चले। पालकी को बड़ी संख्या में भक्तजनों द्वारा महाकाल के जयकारें के साथ गंगा घाट पर विराजित कराया गया जहां पर विधिवत् रूप से बडी संख्या में उपस्थित भक्तों के समक्ष आशुतोष भगवान की पूजा अर्चना कर आरती की गई तथा नव जल को भगवान का अर्पित कर झूला मनोरथ कराया गया । पालकी को पुनः सभा मण्डप में भक्तजनों द्वारा लाया गया जहां पर भगवान को विराजित कर पूजा अर्चना कर महाआरती की गई। जिसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. गौरव वल्लभ द्वारा सभामण्डप में आशुतोष भगवान की पूजा अर्चना कर महाआरती की। इनके साथ लाल सिंह झाला, सुधीर जोशी आदि गणमान्य उपस्थित थे।

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