Pratahkal-Kanya Mandal convention UJALA begins
मुंबई । तेरापंथ महिला मण्डल के राष्ट्रीय अधिवेशन उजाला (UJALA) का शुभारंभ नंदनवन में हुआ। महिला मंडल की राष्ट्रीय अध्यक्ष नीलम सेठिया ने स्वागत किया। आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) ने अधिवेशन को संबोधित करते कहा कि उजाला अच्छा लगता है। उजाला दो प्रकार का होता है - एक बाहर का ओर एक भीतर का। बाहर का उजाला सूर्य की रोशनी व चाँद की रोशनी से भी हो जाता है। दूसरा उजाला है भीतर का उजाला। ज्ञान अपने आप में एक उजाला है। ज्ञान दो प्रकार का होता है। किताब पढ़ना आदि बाहर से लिया जाने वाला ज्ञान है। केवलज्ञान, अवधिज्ञान, मनपर्यवज्ञान भीतरी ज्ञान हैं। ये ज्ञान कुँए के पानी के समान होता है। ये भीतर से प्राप्त होता है। महामंत्री मधु देरासरिया, कन्या मंडल प्रभारी अर्चना भंडारी ने विचार रखे। चीफ ट्रस्टी पुष्पा बेगानी की उपस्थिति रही।

Editorial

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