✕
विराट भैया गेम के लीजेंड... उनसे हर समय सीखा
By EditorialPublished on
भारत (India) और वेस्टइंडीज (West Indies) के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला त्रिनिदाद के पोर्ट ऑफ स्पेन में खेला जा रहा है। यह विराट कोहली (Virat Kohli) का 500वां इंटरनेशनल मैच है। पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद टीम इंडिया के युवा ओपनर यशस्वी (Yashasvi) बोले, 'विराट भैया गेम (Game) के लीजेंड हैं, उनसे हर समय सीखा, आज भी उनके साथ प्रैक्टिस में सीखने पर ही फोकस करता हूं।' यशस्वी वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में 57 रन बना सके।

x
भारत (India) और वेस्टइंडीज (West Indies) के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला त्रिनिदाद के पोर्ट ऑफ स्पेन में खेला जा रहा है। यह विराट कोहली (Virat Kohli) का 500वां इंटरनेशनल मैच है।
पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद टीम इंडिया के युवा ओपनर यशस्वी (Yashasvi) बोले, 'विराट भैया गेम (Game) के लीजेंड हैं, उनसे हर समय सीखा, आज भी उनके साथ प्रैक्टिस में सीखने पर ही फोकस करता हूं।' यशस्वी वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में 57 रन बना सके। सेंचुरी नहीं बना पाने के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा, कोशिश रहेगी कि अगली बार गलती नहीं दोहराऊं।
यशस्वी ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के साथ खेलने का अनुभव शेयर किया
1. विराट भैया से हमेशा सीखता रहता हूं
'बहुत अच्छा लगता है उनके (विराट) साथ बैटिंग करना। वो गेम के लीजेंड हैं, उनसे बचपन से बहुत कुछ सीखा है। उनसे सीखने के लिए बहुत सारी चीजें हैं। आज भी कभी प्रैक्टिस करते हुए देखता हूं तो उनसे बातें कर बहुत कुछ सीख लेता हूं। अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलना काम आसान कर देता है, उनके साथ खेलकर मैं अपना गेम तेजी से इम्प्रूव कर पाता हूं।'
2. रोहित के साथ बैटिंग करना पसंद
'दूसरे टेस्ट की पिच थोड़ी अलग थी, लेकिन बैटिंग करने के लिए अच्छी थी। मैं रोहित भैया के साथ अपनी बैटिंग एंजॉय कर रहा था। मेरे लिए फिर से ओपनिंग करने का एक्सपीरिएंस अच्छा रहा। रोहित भैया के साथ बैटिंग करने से मैं कॉन्फिडेंट महसूस करता हूं। हम प्लान को फॉलो करते हैं और मैंने उसे काफी एंजॉय किया।'
3. सेंचुरी नहीं लगा पाने से निराश
‘मैं निराश हूं कि शतक नहीं लगा सका, लेकिन क्रिकेट में इस तरह की चीजें होते रहती हैं। कोशिश यही है कि अगली बार इस तरह की सिचुएशन आए तो मैं गलती न करूं। मैं हमेशा लम्बी बैटिंग करन चाहता हूं, आउट हो जाना बुरा लगता है।
कोशिश यही रहती है इससे सीखूं और आगे गलती न दोहराऊं । ख्वाहिश यही रहती है कि जब भी ग्राउंड में जाऊं तो अच्छा परफॉर्म करूं। टीम को हमेशा अच्छा स्टार्ट दिलाने पर ही मेरा फोकस रहता है। देश के लिए हमेशा अच्छा लगता है।'

Editorial
Next Story
Related News
X
