Pratahkal - Jaipur News Update - Minister Rajendra Singh Gudha sacked

जयपुर : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राजेंद्र गुढ़ा (Rajendra Gudha) को पद से बर्खास्त कर दिया है। मुख्यमंत्री की सिफारिश को राज्यपाल कलराज मिश्र ने मंजूर कर लिया हैं। राज्यपाल के मंजूरी के साथ ही गुढ़ा की बर्खातगी पर मुहर लग गई है। राजेंद्र सिंह लंबे समय से सीएम अशोक गहलोत और सरकार के खिलाफ बयान दे रहे थे। गुढ़ा ने आज विधानसभा में मिनिमम इनकम गारंटी बिल पर बहस के दौरान विधानसभा में सरकार को महिलाओं की सुरक्षा करने में पूरी तरह विफल करार देते हुए सवाल उठाए थे। गुढ़ा ने यहां तक कहा था कि मणिपुर पर सवाल उठाने की बजाय हमें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। सरकार महिलाओं की सुरक्षा करने में पूरी तरह विफल है। बता दें कि राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को मणिपुर मामले को लेकर गहलोत सरकार में मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने महिला अत्याचार को लेकर अपने ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। दरअसल, राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को राजस्थान
(Rajasthan)
न्यूनतम आय गारंटी विधेयक 2023 (On Minimum Income Guarantee Bill 2023) पर चर्चा के दौरान कांग्रेस (Congress) के मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाते हुए यह कह दिया कि राजस्थान में जिस तरह से महिला सुरक्षा देने में हम असफल रहे और महिलाओं पर अत्याचार बढ़े हैं। हमें मणिपुर की बात उठाने की जगह अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। दरअसल हुआ यह कि मणिपुर मामले को लेकर विधानसभा में कांग्रेस विधायक तख्तियां लेकर हंगामा करने लगे। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और कांग्रेस विधायकों के बीच बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कह दिया कि '100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली' वाली बात कांग्रेस के नेता कर रहे हैं। प्रदेश में राजस्थान महिला अपराध के मामले में नंबर एक है। इस दौरान मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास और राजेंद्र राठौड़ के बीच नोकझोंक हुई, लेकिन मामला उस समय कांग्रेस पर उल्टा पड़ गया जब कांग्रेस के ही मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने उठकर अपनी पार्टी को महिला अत्याचार के मामले में सदन में घेर लिया।
नेता प्रतिपक्ष राठौड़ बोले थे - मंत्री ने सरकार की कलई खोल दी
मंत्री गुढ़ा के आरोप पर नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा था- सरकार संविधान के तहत सामूहिक जिम्मेदारी से चलती है। हमारे संविधान में लिखा है कि सरकार का एक मंत्री बोलता है तो इसका मतलब पूरी सरकार बोल रही है। मंत्री ने सरकार की कलई खोल दी है। मैं उनको बधाई दूंगा, लेकिन यह शर्मनाक बात है।
हाईकमान से सलाह लेकर बर्खास्तगी का फैसला
राजेंद्र गुदा पिछले करीब एक साल से पार्टी लाइन से अलग जाकर कई बार बयान दे चुके थे। पार्टी में एक्शन लेने के लिए शुक्रवार को सबसे बड़ा धर हो गया था। गुढ़ा ने मणिपुर मामले की जगह राजस्थान सरकार को अपने गिरेबां में झांकने की सलाह देकर विवाद बढ़ा दिया। गुढा के विधानसभा में दिए बयान को भाजपा ने आधार बनाकर मणिपुर के काउंटर में पेश करना शुरू कर दिया। प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने तत्काल दिल्ली रिपोर्ट भेजी, हाईकमान से बात की। गहलोत ने भी हाईकमान से सलाह ली, इसके बाद ग्रीन सिग्नल मिलते ही गुढ़ा के विधानसभा में दिए बयान के कुछ ही देर बाद उन्हें बर्खास्त करने की फाइल राजभवन भिजवा दी।
Editorial

Editorial

Next Story