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आयड़ नदी के कंक्रीटीकरण पर एनजीटी ने जांच कमेटी की रिपोर्ट को अस्वीकार किया
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स्मार्ट सिटी लिमिटेड (Smart City Limited) द्वारा आड नदी के मूल स्वरूप में बदलाव कर उसके पेटे मे कंक्रीट बिछाकर पत्थरों के चौके लगाने पर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने जिला कलेक्टर (District Collector) उदयपुर (Udaipur), जल संसाधन विभाग (Department of Water Resources) उदयपुर तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की कमिटी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट को अस्वीकार कर दिया है। इसके स्थान पर एनजीटी ने नई कमिटी का गठन किया है।

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उदयपुर : स्मार्ट सिटी लिमिटेड (Smart City Limited) द्वारा आड नदी के मूल स्वरूप में बदलाव कर उसके पेटे मे कंक्रीट बिछाकर पत्थरों के चौके लगाने पर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने जिला कलेक्टर (District Collector) उदयपुर (Udaipur), जल संसाधन विभाग (Department of Water Resources) उदयपुर तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की कमिटी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट को अस्वीकार कर दिया है। इसके स्थान पर एनजीटी ने नई कमिटी का गठन किया है।
झील संरक्षण समिति के डॉ तेज राजदान द्वारा प्रस्तुत आयड नदी याचिका पर एनजीटी न्यायालय ने स्थानीय संयुक्त कमिटी को तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये थे । इस कमेटी ने आयड पेटे मे हो रहे कार्यों को जायज ठहराते हुए 17 अप्रेल 2023 को रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। समिति की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल चौधरी ने इस रिपोर्ट की तकनीकी व विधिक खामियों को बताते हुए आपत्ति जताई कि संयुक्त कमिटी में शामिल जिला कलेक्टर उदयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड बोर्ड के सदस्य भी हैं। इस स्थिति में कमिटी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। एनजीटी न्यायाधीश सुधीर अग्रवाल व विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की बैंच ने इस पर संज्ञान लेते हुए कहा कि नदी तल के कंक्रीटीकरण का कार्य पर्यावरण से संबंधित एक महत्वपूर्ण व गंभीर मुद्दा है। बैंच ने पूर्व रिपोर्ट को अस्वीकार करते हुए नवीन रूप रूप से तथ्यात्मक आंकलन के निर्देश दिए हैं। इसमे राज्य सरकार की किसी भी एजेंसी को सम्मिलित नही किया है। नई गठित कमिटी मे पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार के क्षेत्रीय अधिकारी, रूड़की विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा नामित रिवर हाइड्रोलोजी विशेषज्ञ, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि तथा केंद्रीय जल आयोग भारत सरकार द्वारा नामित रिवर हाइड्रोलोजी विशेषज्ञ सम्मिलित किए गए है। सीपीसीबी इस कार्य के समन्वय और अनुपालन के लिए नोडल एजेंसी होगी तथा लॉजिस्टिक और वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
नई संयुक्त कमिटी पुला से सेवाश्रम के बीच के आयड़ नदी के बाढ़ क्षेत्र में कंक्रीटीकरण पर झील संरक्षण समिति द्वारा उठाए गए मुद्दों पर एक महीने के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी । कमिटी स्मार्ट सिटी द्वारा कराए जा रहे कार्य से वर्षाकाल में नदी की वहन क्षमता में कमी, इससे उदयपुर शहर में अचानक बाढ़ की संभावना में वृद्धि, कंक्रीटीकरण से नदी फैलाव मे कमी होकर प्रवाह में वृद्धि, भूजल पुनर्भरण क्षमता में कमी और नदी फ्लड प्लेन को किसी भी स्थायी विकास और गैर विकास से मुक्त रखते हुए सीमांकन जैसे विषयों पर एक माह के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी । आगामी सुनवाई 28 अगस्त को होगी ।

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