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चेराई सामूहिक हत्याकांड मामले में 40 घंटे बाद धरना खत्म मांगों पर सहमति बनने के बाद अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए ग्रामीण
By EditorialPublished on
जोधपुर (Jodhpur) के ओसियां के चेराई में गंगाणियों की ढाणी में बुधवार सुबह हुए सामूहिक हत्याकांड (Massacre) के बाद गुरुवार को दिन भर शवों का अंतिम संस्कार नहीं हुआ। पूरे दिन ग्रामीणों व परिवार से प्रशासन की वार्ता चली। शाम को दूसरे दौर की वार्ता में शवों के अंतिम संस्कार पर सहमति बनी।

जोधपुर : जोधपुर (Jodhpur) के ओसियां के चेराई में गंगाणियों की ढाणी में बुधवार सुबह हुए सामूहिक हत्याकांड (Massacre) के बाद गुरुवार को दिन भर शवों का अंतिम संस्कार नहीं हुआ। पूरे दिन ग्रामीणों व परिवार से प्रशासन की वार्ता चली। शाम को दूसरे दौर की वार्ता में शवों के अंतिम संस्कार पर सहमति बनी। परिवार की ओर से चेराई चौकी पर एक डेलिगेशन कलेक्टर हिमांशु गुप्ता व एसपी ग्रामीण धर्मेंद्र यादव से वार्ता के लिए पहुंचा, जिसमें मांगों पर सहमति बनने के बाद अंतिम संस्कार पर सहमति बन गई।
ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा, पूर्व मंत्री भैराराम सियोल, खींवसर से आरएलपी विधायक नारायण बेनीवाल, भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग, मेड़ता विधायक इंदिरा बावरी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। मांगों को लेकर बुधवार से ही ढाणी में ग्रामीण धरना लगाए बैठे थे। इस दौरान जोधपुर ग्रामीण एसपी धर्मेंद्र यादव, कलेक्टर हिमांशु गुप्ता सहित पुलिस और प्रशासन का पूरा जाब्ता तैनात था। बुधवार दिन भर चले धरने के बाद गुरुवार को भी वार्ता का दौर चला। इस दौरान परिवार के 2 सदस्यों को संविदा सहमति बन गई। पर नौकरी, परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी लगाने पर सहमति बन गई है। वहीं उचित मुआवजे के लिए प्रशासन की ओर से राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इन मांगों पर सहमति बनने के बाद करीब 40 घंटों से चल रहा गतिरोध खत्म हो गया और शवों के अंतिम संस्कार पर परिजन रात में ही हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार करेंगे।
विभिन्न मांगों को लेकर ग्रामीण धरने पर बैठ गए थे। गुरुवार देर शाम को मांगों पर सहमति बनने के बाद अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
आरोपी से पूछताछ में जुटी पुलिस
पुलिस सामूहिक हत्याकांड के आरोपी से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में सामने आया कि वह तीन महीने से अपने मोबाइल में हत्या करने के तरीके और उसका सबूत कैसे मिटाया जाए, यही सर्च करता और वीडियो देखता था । उसने यह वीडियो देखकर ही तय किया कि गहरी नींद में धारदार हथियार से वार कर एक बार में गला रेतने से मौत हो जाएगी और शव को जलाने से सबूत मिट जाएंगे। लेकिन झोपड़ी की आग अल सुबह आस-पास वालों को दिख गई और वह दौड़ कर ढाणी की तरफ आए और सारा मामला सामने आ गया।
आरोपी ने पूनाराम की ढाणी में परिवार के 4 सदस्यों की हत्या करने के बाद तेल छिड़कर कर शवों को आग लगा दी थी। बता दें कि बुधवार अल सुबह गंगाणियों की ढाणी निवासी पूनाराम, उसकी पत्नी भंवरी, पुत्रवधू धापु देवी और 6 महीने की पोती मनीषा की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी गई थी। इस निर्मम हत्याकांड का पुलिस ने 4 घंटे में खुलासा कर मृतक पूनाराम के भतीजे पप्पूराम को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने मौके पर ही पोस्टमॉर्टम कर शव परिजनों को सौंप दिए थे, लेकिन परिजन व ग्रामीण धरने पर बैठ गए और मांगे पूरी नहीं होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़ गए थे। परिजनों का कहना है कि इस हत्याकांड में आरोपी के परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल है।

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