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दूसरे दिन जमा सखियों का मेला
By EditorialPublished on
हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) के दूसरे दिन दो प्रमुख पर्यटन स्थलों पर मंगलवार को महिलाओं का राज रहा। मेले के दूसरे दिन महिलाओं ने मेले का जमकर लुफ्त उठाया। रियासत काल से चली आ रही इस मेले की परम्परा आज तक जारी है। इस मेले में पुरुषों की नो एंट्री रहती है और मेले में हर ओर केवल महिलाएं ही दिखाई देती है। वर्षों पहले शुरू हुई परम्परा आज भी अनवरत जारी है। मेवाड (Mewar) के महाराणा फतह सिंह (Maharana Fateh Singh) ने परम्परागत रूप से इस मेले की शुरुआत की थी। दिनभर मेले में अधिकारी व्यवस्था का जायजा लेते रहे

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उदयपुर : हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) के दूसरे दिन दो प्रमुख पर्यटन स्थलों पर मंगलवार को महिलाओं का राज रहा। मेले के दूसरे दिन महिलाओं ने मेले का जमकर लुफ्त उठाया। रियासत काल से चली आ रही इस मेले की परम्परा आज तक जारी है। इस मेले में पुरुषों की नो एंट्री रहती है और मेले में हर ओर केवल महिलाएं ही दिखाई देती है। वर्षों पहले शुरू हुई परम्परा आज भी अनवरत जारी है। मेवाड (Mewar) के महाराणा फतह सिंह (Maharana Fateh Singh) ने परम्परागत रूप से इस मेले की शुरुआत की थी। दिनभर मेले में अधिकारी व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
हरियाली अमावस्या पर आयोजित किए गए मेले में दूसरे दिन सभी महिलाएं रंग बिरंगे परिधान पहनकर, सज धजकर मेले का मजा लेने के लिए पहुंची। मेले में लगी दुकानों पर महिलाओ ने जमकर खरीददारी करते हुए मेले का मजा लिया। साथ ही खाने-पीने की दुकानों पर बन रही चाट पकोड़ी, मालपुए, और सुहावने मौसम में कुल्फी के भी मजे लिए। इस दिन महिलाओ को सुरक्षित वातावरण में किसी का कोई भय नहीं होता है।
मेले में महिलाओ के लिए साज-श्रंगार के लिए कई स्टाल्स पर श्रंगार की वस्तुएं उपलब्ध रहती है, तो वहीं बच्चों के लिए भी कई दुकानों पर लगे हुए खिलोने बालमन को आकर्षित कर रहे थे। मेले में आने वाले लोगो को सबसे ज्यादा आकर्षित करती है यहाँ लगी डोलर और चक्कारियां, जो हर मेले की जान होती है। ऊँची ऊँची डोलर में बैठकर डर के साथ ही मनोरंजन का लुत्फ लेने के लिए महिलाएं कतार लगाकर खड़ी रही।
इस मेले को लेकर नगर निगम के साथ पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के लिए खासी व्यवस्थाए की गयी ताकि किसी को कोई दिक्कत नही आये। पूरे मेले पर पुलिसकर्मियों ने दूरबीन के जरिये नजर रखी गयी। सुरक्षा के लिए सादा वस्त्र धारी और महिला कांस्टेबल को यहां तैनात किया गया।
महिला पार्षदों के बीच लहरियां प्रति
सांस्कृतिक समिति अध्यक्षा चंद्रकला बोल्या के अनुसार हरियाली अमावस्या मेले के दूसरे दिन शुक्रवार को नगर निगम द्वारा महिला पार्षदों की लहरिया प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें सोनिका जैन, शिल्पा पामेचा, नेहा कुमावत, कुसुम पंवार, विद्या भावसार, शाहनाज अयूब, माधुरी राठौड़, रेखा डांगी, तारा शर्मा आदि महिला पार्षदों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया | रोमांचित हुए मुकाबले में पार्षद रेखा डांगी को प्रथम घोषित किया गया, द्वितीय स्थान पर विद्या भावसार व तृतीय स्थान नेहा कुमावत पर रही। शेष सभी महिला पार्षद को प्रस्थती पत्र से नवाजा गया। सभी विजेताओं को नगर निगम महापौर गोविंद सिंह टांक ने शील्ड व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। निर्णायक मंडल में डिप्टी चेतना भाटी और डॉ मीनाक्षी गर्ग थे।
सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान, लगाए अतिरिक्त कर्मचारी
उपमहापौर पारस सिंघवी ने बताया कि दो दिवसीय हरियाली अमावस्या मेले में सफाई व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा गया। मेले में सुचारू सफाई व्यवस्था के लिए दिन में 70 कर्मचारी व रात्रि में 50 कर्मचारियों को अतिरिक्त रूप से लगाया गया। मेले में सफाई एवं आपत्तिजनक वस्तुओ को व्यवस्था के लिए दो दिन तक लगातार उपमहापौर संघ लेकर सभी कर्मचारियों के विशेष निर्देश दिए गए। सफाई स्वास्थ अधिकारी सत्यनारायण शर्मा, स्वास्थ निरीक्षक नरेंद्र श्रीमाली, सुभाष शर्मा के साथ मोर्चा संभाला।
महिला पार्षदों ने किया डांस
हरियाली अमावस्या के मेले में उसी दिन आयोजित हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम में नगर निगम की महिला पार्षदों द्वारा भी जमकर डांस किया गया। पार्षदों ने जी भर कर राजस्थानी एवं संगीत गानों पर डांस करते हुए खूब ठहाके लगाए।
पुलिस बैंड ने मचाया धमाल।
मेले में दूसरे दिन पुलिस बैंड द्वारा अपनी उम्दा प्रस्तुतियां प्रस्तुत की गई हैड कांस्टेबल कन्हैया लाल के नेतृत्व में 15 जवानों के ग्रुप द्वारा राजस्थानी एवं देशभक्ति गीतो के माध्यम से मेलार्थियों का मनोरंजन किया। कई महिलाओं ने पुलिस बैंड की धुनों पर जमकर डांस किया।

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