Pratahkal-New trend of tourism: Sun Tourism is there in every district of Rajasthan

जयपुर (का.सं.) । देश भर में इन दिनों सन टूरिज्म (Tourism) का अत्यधिक प्रचलन में है। राजस्थान (Rajasthan) भी इससे अछूता नहीं है। मैदानी इलाके से पहाड़ी इलाकों उगते सूरज और डूबते सूरज को देखना ही सन टूरिज्म कहलाता है। इन दिनों भारत में यह बेहद लोकप्रिय हो रहा है। राजस्थान के परिपेक्ष्य में हम बात करें तो यहां एक मात्र हिल स्टेशन है माउन्ट आबू, जहां पर खास तौर पर सनसेट पाइंट है और पर्यटक वहां विशेष तौर पर जाते हैं। पर्यटन विभाग के उप निदेशक दलीप सिंह राठौड़ के अनुसार इन दिनों देश में विदेशी पर्यटकों के अतिरिक्त घरेलु पर्यटकों का रुझान भी सन टूरिज्म की ओर बढ़ रहा है। दलीप सिंह राठौड़ के अनुसार राजस्थान में सन टूरिज्म का स्थापित केंद्र तो माउन्ट आबू है लेकिन राजस्थान में पहाड़यों पर बने गढ़ और किले भी सन टूरिज्म को बढ़वा दे रहे हैं। दलीप सिंह के अनुसार फिल्म का यह दृश्य भी घरेलु पर्यटकों में सन टूरिज्म को बढ़ावा देने में सहायक साबित हुआ क्योंकि यंग जेनरेशन फिल्मी हस्तियों को फॉलो करते हैं। राठौड़ ने यह भी कहा कि राजस्थान, इन दिनों वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी ख्याति पा रहा है ऐसे में सन टूरिज्म, प्री वेडिंग शूट का भी हिस्सा बन चुका है। पर्यटन विभाग के उपनिदेशक दलीप सिंह के अनुसार राजस्थान में हर जिले में एक सन सैट पाइंट जरूर है क्योंकि यहां हर जिले में किले, गढ़, और गढ़ी आदि हैं। सिंह के अनुसार माउन्ट आबू में सन सैट पाइंट, जयपुर में 'नाहरगढ़, उदयपुर, कुम्भलगढ़, सवाईमाधोपुर आदि यहां तक कि जैसलमेर और बाड़मेर में भी सन टूरिज्म का हिस्सा हैं। दलीप सिंह के अनुसार जैसलमेर के सुनहरी धोरों से सूर्यास्त और सूर्योदय के नजारे देखना सैलानियों को अलौकिक अनुभव प्रदान करता है। गौरतलब है कि राजस्थान पर्यटन विभाग इन दिनों नए-नए पर्यटन क्षेत्रों को चिन्हित कर उनके विकास में जुटा है जिससे विदेशी और घरेल पर्यटकों प्रदेश की ओर अधिक से अधिक आकर्षित हो ।
Editorial

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