Pratahkal - Jodhpur News Update - To promote drumstick cultivation in Thar, Kajri provided pod seeds to the farmers
जोधपुर : केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) की ओर से दक्षिणी भारत में मशहूर सहजन फली (ड्रमस्टिक) पर पांच साल पहले अनुसंधान शुरू किया था। इन पांच साल में सहजन फली पश्चिमी राजस्थान की सब्जियों मंडियों से लेकर घरों में नजर आने लगी है।
सर्वाधिक खेती जालोर के सांचौर और बाड़मेर के नर्मदा क्षेत्र से लगते स्थानों की जा रही है । एक हेक्टयेर में किसानों को 5 लाख रुपए तक फायदा हो रहा है। विशेष बात यह है कि काजरी की रिसर्च के बाद निजी क्षेत्र में फार्मा कम्पनी ने सहजन फली की 500 मिलीग्राम की टेबलेट बनाई है जो डायबिटीज के मरीजों को दी जा रही है। काजरी ने 2019 में सहजन फली पर प्रयोग शुरू किए थे। काजरी ने हर वर्ष किसानों को सहजन फली के बीज मुहैया करवाए ताकि थार में इसकी खेती को बढ़ावा दिया जा सके। बता दें कि सहजन की फली विटामिन ए, विटामिन सी, आयरन और प्रोटीन से भरपूर होती है ।
Editorial

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