Pratahkal - Jodhpur News Update - FIR will be registered for corruption in CETP
जोधपुर : टैक्स्टाइल और स्टील उद्योग (Textile and steel industry) का प्रदूषित पानी ट्रीट करने वाली संस्थान सीईटीपी (CETP) में भ्रष्टाचार (Corruption) पर एफ आई आर दर्ज करवानी होगी। करीब 6 महीने पहले यहां खरीद में घोटाला सामने आने के बाद अब तक न तो ट्रस्ट की ओर से मामला दर्ज करवाया गया है और न ही आरपीसीबी ने इस पर कोई सख्ती दिखाई है।
शुक्रवार को जिला कलेक्टर हिमांशु गुप्ता ने प्रबंधन समिति की बैठक में इस पर सख्ती दिखाई और पॉल्यूशन बोर्ड के अधिकारियों को कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जिला कलेक्टर ने सीईटीपी के संचालन एवं संधारण संबंधी बिंदुओं और प्लांट के प्रस्तावित उन्नयन सम्बन्धित विषय पर विस्तृत चर्चा करते हुए संबंधितों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। टैक्स्टाइल एवं स्टील इकाइयों की प्रभावी मॉनिटरिंग करने और रीको द्वारा प्रस्तावित पाइपलाइन का प्रबोधन समिति द्वारा अनुमोदन करवाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय अधिकारी शिल्पी शर्मा को निर्देश दिए कि जिन इकाइयों ने डीएमसी के अनुमोदन के बिना केएलडी का स्थानांतरण किया है उन्हें अवैध घोषित करते हुए उनके विरुद्ध आवश्यक एवं प्रभावी कार्यवाही करे। बैठक में प्रशासनिक समिति द्वारा दी गई जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्ट्या सीईटीपी में वित्तीय अनियमितताएं पाई जाने पर क्षेत्रीय अधिकारी को तत्कालीन अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर
(FIR)
दर्ज करवाने के निर्देश दिए।
करीब 4 करोड़ का भ्रष्टाचार :
प्रदूषित पानी को ट्रीट करने वाले प्लांट में केमिकल सहित अन्य खरीद में बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई थी। ट्रस्ट को पहले जो कमेटी चलाती थी उसके कार्यकाल में यह वित्तीय अनियमितताएं हुई जो कि करीब 4 करोड़ से ज्यादा की लागत की है। कुछ दिन पहले ही प्रशासनिक समिति ने इस भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दी थी।
Editorial

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