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घूसखोर एक्सईएन के दूसरे लॉकर से मिले 20.91 लाख
By EditorialPublished on
भ्रष्टाचार (Corruption) निरोधक ब्यूरो उदयपुर (Prevention Bureau Udaipur) इकाई ने बुधवार को पीडब्ल्यूडी (PWD) खण्ड चित्तौड़गढ़ के अधिशाषी अभियन्ता को चार लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। रिमांड पर चल रहे अभियन्ता के शुक्रवार को एचडीएफसी बैंक स्थित एक और लॉकर की तलाशी में 20.91 लाख नकद मिले।

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उदयपुर : भ्रष्टाचार (Corruption) निरोधक ब्यूरो उदयपुर (Prevention Bureau Udaipur) इकाई ने बुधवार को पीडब्ल्यूडी (PWD) खण्ड चित्तौड़गढ़ के अधिशाषी अभियन्ता को चार लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। रिमांड पर चल रहे अभियन्ता के शुक्रवार को एचडीएफसी बैंक स्थित एक और लॉकर की तलाशी में 20.91 लाख नकद मिले।
एसीबी (ACB) के आईजी राजेन्द्र प्रसाद गोयल के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह के नेतृत्व में एसीबी टीम ने बुधवार को ठेकेदार रविन्द्र पुत्र रामवीर शर्मा निवासी भानपुर आबू रोड से दो प्रतिशत कमिशन एवं अर्थवील के भुगतान के पेटे कुल चार लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पीडब्ल्यूडी चित्तौड़गढ़ के एक्सईएन राजेन्द्र प्रसाद पुत्र रामेश्वरलाल लखारा निवासी एमपी कॉलोनी हिरणमगरी सेक्टर 14 को गिरफ्तार किया गया था। रिश्वत की राशि में से डेढ़ लाख भारतीय करेंसी और ढाई लाख रुपये डमी राशि थी। आरोपी राजेन्द्र प्रसाद लखारा को गुरुवार को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया। रिमांड अवधि के दौरान उसके एक लॉकर और करोड़ों की चल-अचल सम्पत्ति के दस्तावेजों की जांच की जानी है। शुक्रवार को एसीबी टीम ने एचडीएफसी बैंक के लॉकर की तलाशी ली तो उसमें से 20.91 लाख रुपये नकद मिले। अब तक आरोपी के दो बैंक लॉकर व चित्तौड़गढ़ और उदयपुर स्थित आवास से 89.67 लाख नकद, 15 लाख रुपये के जेवरात बरामद किये है। इसके अलावा मकान से भूखण्डों एवं कृषि भूमि के दस्तावेज मिले है जिनकी जांच की जा रही है। आरोपी से गहनता से पूछताछ की जा रही है जिससे और भी सम्पत्तियों के बारे में खुलासा होने की संभावना है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण के अंतर्गत आय से अधिक की सम्पत्ति का प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान किया जायेगा।

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