Pratahkal-Maharashtra-Devendra Fadnavis accuses Uddhav Thackeray of dishonesty
मुंबई । महाराष्ट्र (Maharashtra) के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने शिवसेना (Shiv Sena) नेता उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) का वह झूठ उजागर कर दिया, जिसमें उद्धव बार-बार कसम खाकर अमित शाह पर वादा तोड़ने का आरोप लगाते रहे हैं। उद्धव ठाकरे ने अपने हाल के विदर्भ दौरे पर वहां की पोहरा देवी की कसम खाकर कहा था कि 2019 में उनकी अमित शाह से ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री पद पर सहमति बनी थी। देवेंद्र फडणवीस ने भिवंडी में आयोजित भाजपा (BJP) के कार्यकर्ता सम्मलेन में कहा कि उद्धव ऐसा कहकर झूठी कसम खा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2019 में गठबंधन तय होने से दो दिन पहले एक रात बातचीत के दौरान उद्धव ने कहा कि उनकी फोन पर अमित शाह से बात हुई है कि उन्हें (उद्धव को) भी मुख्यमंत्री बनने का मौका मिलेगा। फडणवीस ने कहा कि इसके बाद मैंने रात एक बजे अमित शाह से फोन पर पूछा क्या उन्होंने ऐसा आश्वासन उद्धव को दिया है। अमित शाह
(Amit Shah)
ने इससे साफ इन्कार किया। इसके बाद उद्धव ने कहा कि फिर गठबंधन नहीं हो पाएगा और हम दोनों लोग उठकर अपने-अपने घर चले गए। फडणवीस के अनुसार, तीन दिन बाद फिर किसी मध्यस्थ के जरिए बात शुरू हुई और पालघर की लोकसभा सीट लेकर शिवसेना ने मुख्यमंत्री पद का आग्रह छोड़ दिया। दो दिन बाद अमित शाह द्वारा उद्धव के निजी आवास जाकर गठबंधन पर मुहर लगाने के बाद मैंने बाहर आकर प्रेस के सामने गठबंधन की शर्तें बताईं। जिसमें दोनों दलों के साथ मिलकर लड़ने की बात कही गई थी। इसके बाद विधानसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी और अमित शाह ने जगह-जगह सभाओं में मुझे मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत किया। लेकिन चुनाव परिणाम आते ही उद्धव ने कहना शुरू कर दिया कि उनके सारे विकल्प खुले हैं। फडणवीस ने कहा ऐसा करके उद्धव ने मेरे नहीं, सभी भाजपा कार्यकर्ताओं की पीठ में खंजर भोंकने का काम किया था।
फडणवीस ने कहा कि ये उद्धव ठाकरे की बेईमानी थी। राजनीति में अपमान सहन किया जा सकता है। लेकिन बेईमानी सहन करनेवाला राजनीति में टिकता नहीं है। फडणवीस ने शिंदे गुट और अजीत पवार के भाजपा के साथ आने की ओर इशारा करते हुए अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि आज हम जो कर रहे हैं, वह धर्म है,अधर्म नहीं। उन्होंने महाभारत के जयद्रथ वध, द्रोणाचार्य वध जैसे अनेक उदाहरण देते हुए कहा कि ये अधर्म नहीं, कूटनीति है।
फडणवीस ने कहा कि एकनाथ शिन्दे (Eknath Shinde) के साथ हमारा गठबंधन 25 साल पुराना भावनात्मक गठबंधन है। जबकि अजीत पवार की राकांपा के साथ हाल में हुआ गठबंधन राजनीतिक गठबंधन है। फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा किए गए देशहित के अनेक कार्यों के बावजूद विपक्षी दल मिलकर 'मोदी नहीं चाहिए' की मुहिम चला रहे हैं, तो हमें भी लोगों को अपने साथ लेने से परहेज नहीं है। लेकिन 'कांग्रेस का विचार' नहीं चलेगा। कांग्रेस (Congress) का विचार तुष्टीकरण का है।

Editorial

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