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कृषि वैज्ञानिकों ने किया क्षेत्र का दौरा
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नगरी के गुसाई खेडा में कृषि वैज्ञानिकों (Agricultural Scientists) की टीम ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान मक्का फसल में फल आर्मी वर्म कीट का प्रभाव देखा गया जो कि आर्थिक नुकसान के स्तर से कम पाया गया। संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार दिनेश कुमार जागरण ने बताया कि फल आर्मी वर्म कीट एक अन्तराष्ट्रीय की है यह एक बहु फसली कीट है।

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चित्तौड़गढ़ ( प्रातः काल संवाददाता) । नगरी के गुसाई खेडा में कृषि वैज्ञानिकों (Agricultural Scientists) की टीम ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान मक्का फसल में फल आर्मी वर्म कीट का प्रभाव देखा गया जो कि आर्थिक नुकसान के स्तर से कम पाया गया। संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार दिनेश कुमार जागरण ने बताया कि फल आर्मी वर्म कीट एक अन्तराष्ट्रीय की है यह एक बहु फसली कीट है। इस कीट के मोथ एक रात में 100 से 150 किमी तक उड़ कर अन्य क्षेत्र में भी मक्का फसल को नुकसान पहुंचा सकते है। जिले में मक्का फसल की बुवाई इस वर्ष लगभग 1 लाख 52 हजार 300 हैक्टयर क्षेत्रफल में हुई है, जिसमें लगभग 6 हजार हैक्टयर क्षेत्र मक्का फसल इस कीट के नुकसान से प्रभावित होने का आंकलन है। वर्तमान में मक्का फसल 10 से 20 दिनों की अवस्था में हैं तथा इस समय कीट की रोकथाम करना अति आवश्यक है। अतः किसानों से अपील कि है की फॉल आर्मी धर्म की रोकथाम हेतु इमामेक्टिन बेंजोएट दवा का छिड़काव 200 ग्राम प्रति हैक्टयर के हिसाब से करे। इस हेतु अधिक जानकारी के लिए क्षेत्र में कार्यरत सहायक कृषि अधिकारी या कृषि पर्यवेक्षक से सम्पर्क करें। क्षेत्र भ्रमण उप निदेशक कृषि डॉ. ओ. पी. शर्मा, आई. पी. एम. रतन लाल सोलंकी एवं कृषि अनुसंधान अधिकारी रमेश आमेटा आदि अधिकारियों द्वारा किया गया।

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