Pratahkal - Jaipur News Update - Along with increasing the stature of the pilot, the high command will be active in national politics
जयपुर : राजस्थान (Rajasthan) की अंदरूनी राजनीति (Politics) को लेकर एआईसीसी (AICC) की दिल्ली (Delhi) में हुई बैठक का असर अब नजर आने लगा है। राजस्थान के सियासी संग्राम में लगातार बिना किसी पद के चल रहे सचिन पायलट (Sachin Pilot) को कांग्रेस (Congress) अब केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी देने जा रही है। पायलट पार्टी की टॉप लीडरशिप वाली सुपर 40 टीम का हिस्सा बनेंगे और उन्हें किसी राज्य का प्रभारी भी बनाया जा सकता है। दिल्ली बैठक का एक अन्य असर पायलट खेमे के कई नेताओं को प्रदेश कांग्रेस कमेटी में भी शामिल करना है।
कांग्रेस आलाकमान अगले विधानसभा चुनाव के लिए राजस्थान में गहलोत और पायलट गुट दोनों को साधने की कवायद कर रहा है। इसके तहत दिल्ली की बैठक सभी गुटों को शामिल कर संदेश दे दिया गया कि एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर ही कांग्रेस को रिपीट किया जा सकता है।
पायलट को खरगे राष्ट्रीय राजनीति में लाएंगे
सूत्र बताते हैं कि ऐसे हालात में सचिन पायलट भी अब राजस्थान के साथ नेशनल लीडरशिप में सक्रिय होने का मानस बना रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टीम में पायलट को राष्ट्रीय महासचिव बनाने का निर्णय लगभग तय हो चुका है। इसके साथ ही उन्हें कांग्रेस की टॉप लीडरशिप वाली टीम में जगह मिल जाएगी। अगले साल लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) को देखते हुए उन्हें किसी बड़े राज्य के प्रभारी की कमान भी दी जाएगी। एआईसीसी के सूत्रों के मुताबिक पायलट को इशारों-इशारों में इस बारे में कांग्रेस नेतृत्व की ओर से बता भी दिया गया है।
प्रदेश में प्रभाव वाली सीटों पर रहेगा दखल
ऐसा भी नहीं है कि राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होने के बाद सचिन पायलट राजस्थान से कट जाएंगे। राजस्थान में उनकी सीधी भूमिका कुछ कम हो जाएगी, लेकिन उनके प्रभाव को देखते हुए पूर्वी राजस्थान समेत अन्य इलाकों में 40 से 45 महत्वपूर्ण सीटों पर प्रचार के लिए कांग्रेस उनको जिम्मेदारी सौंपेगी। नेशनल लीडरशिप में आने के बाद वे वैसे भी स्टार प्रचारकों की सूची में और पक्का स्थान बना लेंगे। इसके अलावा पायलट समर्थकों को टिकट वितरण में एडजस्ट किया जाएगा। वे सीटें जहां पायलट का प्रभाव है, वहां उनकी भी सहमति ली जाएगी।
Editorial

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