Pratahkal-Baramati Lok Sabha Seat-BJP making plans like Amethi in Pawar's bastion-Ajit Pawar-Devendra Fadnavis-CM Eknath Shinde-Supriya Sule
मुंबई (कार्यालय संवाददाता) । भतीजे अजित पवार (Ajit Pawar) की बगावत झेल रहे एनसीपी (NCP) चीफ शरद पवार (Sharad Pawar) के सामने अब अपने गढ़ कहे जाने वाले बारामती में भी जमीन खिसकने का खतरा पैदा हो गया है।
अजित पवार बारामती (Baramati) में एक कार्यक्रम करने जा रहे हैं। इस आयोजन में उनके साथ मंच पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस (Deputy CM Devendra Fadnavis) भी मौजूद रहेंगे। यह आयोजन पुरंदर तहसील में होने जा रहा है, जो बारामती लोकसभा सीट (Baramati Lok Sabha Seat) में पड़ता है । यहीं से शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले
(Supriya Sule)
सांसद हैं। यहां से शरद पवार भी सांसद रह चुके हैं। भाजपा की लंबे समय से बारामती लोकसभा सीट पर नजर रही है। यहां उसने कई नेताओं को तैनात भी किया है ताकि वे 2024 को लेकर तैयारी करें। अब यहां अजित पवार के साथ भाजपा मंच साझा करके नए अवसर तलाशेगी। एक साल पहले ही भाजपा (BJP) ने मिशन बारामती की शुरूआत की थी। इसके तहत केंद्रीय मंत्रियों को हाईकमान ने आदेश दिया था कि वे संसदीय क्षेत्र का दौरा करते रहें। यही नहीं राज्य के नेता भी लगातार अमेठी का उदाहरण देते हुए कह रहे हैं कि जब हम वहां जीत हासिल कर सकते हैं तो फिर बारामती में ऐसा क्यों नहीं हो सकता ।
बारामती लोकसभा सीट के अंतर्गत कुल 6 विधानसभाएं आती हैं। इनमें से बारामती से खुद अजित पवार ही विधायक हैं। इसके अलावा इंदापुर से एनसीपी के दत्ता भाराने हैं। वह भी अजित पवार के ही समर्थक हैं। इसके अलावा दौंद विधानसभा से भाजपा के राहुल कुल हैं । खडकवासला से भाजपा के भीमराव तापकिर विधायक हैं। भोर सीट से कांग्रेस के संग्राम थोपते और पुरंदर से कांग्रेस के ही संजय जगताप हैं। इस तरह बारामती सीट पर एनसीपी, कांग्रेस और भाजपा का मिला जुला असर है। लेकिन सांसद के तौर पर सुप्रिया सुले ही चुनी जाती रही हैं। इसकी वजह यह है कि कांग्रेस भी उनके लिए सॉफ्ट रही है।
  • अमेठी जैसा हो सकता है बारामती का हाल ?
अब बदले हुए हालातों में भाजपा और एनसीपी का एक धड़ा साथ आ गया है। ऐसी स्थिति में सुप्रिया सुले इस सीट पर कितने लोगों या नेताओं को साथ ला पाएंगी, यह देखने वाली बात होगी। शरद पवार खेमे के लिए टेंशन की बात यह है कि उसके समर्थन वाला कोई भी विधायक बारामती लोकसभा सीट के अंतर्गत नहीं है। मौजूदा स्थिति में भाजपा, अजित पवार की एनसीपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना मजबूत दिख रहे हैं। इसलिए बारामती लोकसभा सीट का चुनाव भी यदि फंस जाए तो कोई हैरानी नहीं होगी।
  • क्या सुप्रिया सुले को टक्कर देंगे अजित पवार के बेटे पार्थ?
चर्चाएं यहां तक हैं कि बारामती में सुप्रिया सुले के मुकाबले अजित पवार के बेटे पार्थ (Parth Pawar) को ही उतारा जा सकता है। हालांकि परिवार के ही सदस्य और विधायक रोहित पवार (MLA Rohit Pawar) ने इससे इनकार किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में अजित पवार सीधे सुप्रिया सुले के मुकाबले में नहीं जाना चाहेंगे।
Editorial

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