महाराष्ट्र के नवनिर्वाचित उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) इस समय चर्चा में हैं। एक सप्ताह पहले अजित पवार ने सबको चौंकाते हुए राजभवन में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद अजित पवार ने एनसीपी में विधायकों के एक बड़े समूह को भी तोड़ लिया। अजित पवार का हर बयान और एक्शन फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है। अब इस कड़ी में एक और चीज जुड़ गई है। ऐसी खबर है कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने मंत्रालय में केबिन नंबर 602 (Cabin Number 602) को नहीं लेना चाहते हैं।


Pratahkal-Ajit Pawar is also cutting Kanni from the Cabin Number 602 of the ministry-Devendra Fadnavis-CM Eknath Shinde

मुंबई (कार्यालय संवाददाता) । महाराष्ट्र के नवनिर्वाचित उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) इस समय चर्चा में हैं। एक सप्ताह पहले अजित पवार ने सबको चौंकाते हुए राजभवन में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद अजित पवार ने एनसीपी में विधायकों के एक बड़े समूह को भी तोड़ लिया। अजित पवार का हर बयान और एक्शन फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है। अब इस कड़ी में एक और चीज जुड़ गई है। ऐसी खबर है कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने मंत्रालय में केबिन नंबर 602 (Cabin Number 602) को नहीं लेना चाहते हैं। मंत्रालय की छठी मंजिल पर स्थित केबिन नंबर 602 को कई राजनेता अशुभ मानते है। अजित पवार का मानना है कि इस केबिन से काम करने वाले किसी भी मंत्री को अब तक प्रमोशन नहीं मिला है। उल्टा उन्हें राजनीतिक जीवन में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। अजित पवार इसके पहले इस केबिन में काम कर चुके हैं। अब नई सरकार में उपमुख्यमंत्री बनने के बाद अजित पवार कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं। चर्चा है कि इसी वजह से अजित पवार ने इस केबिन को खारिज कर दिया है। इसके बजाय, अजीत पवार ने छठी मंजिल पर केबिन 716, 717, 722 या 723 में से एक में बैठने की इच्छा व्यक्त की है। फिलहाल मंत्रालय की छठी मंजिल पर अजित पवार का केबिन तैयार करने का काम तेज हो गया है।
इस मुद्दे पर अजित पवार गुट के प्रवक्ता सूरज चव्हाण (Suraj Chavan) ने बताया कि अजित पवार इस तरह की अंधविश्वास वाली चीजों में यकीन नहीं करते हैं। हम महाराष्ट्र (Maharashtra) की जनता के विकास के लिए सरकार में शामिल हुए हैं। ऐसे में काम करने के लिए जो केबिन मिलेगा हम उसमें काम करेंगे। जनता की समस्या को दूर करना हमारा पहला कर्तव्य है। केबिन के नंबर से कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला है। अजित पवार इसके पहले भी उस केबिन में काम कर चुके हैं।
  • फडणवीस भी इस केबिन को लेने से इनकार कर चुके हैं!
मंत्रालय की छठी मंजिल पर केबिन नंबर 602 अक्सर चर्चा का विषय रहा है। मंत्रालय में यह केबिन अशुभ होने के कारण दबी जुबान में चर्चा है कि इससे संबंधित नेताओं को कोई फायदा नहीं होता। इससे पहले केबिन नंबर 602 एकनाथ खडसे
(Eknath Khadse)
, पांडुरंग फुंडकर और अजित पवार को दिया गया था। इनमें से खडसे का राजनीतिक करियर पिछले कुछ सालों से मुश्किलों भरा रहा है। वहीं अजित पवार को अपने राजनीतिक जीवन में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ा है। कहा जाता है कि देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने भी इस केबिन को लेने से इनकार कर चुके हैं।
अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को शाहू-फुले-अम्बेडकर विचारधारा से प्रेरित पार्टी कहा जाता है। महाराष्ट्र को देश में एक प्रगतिशील राज्य के रूप में जाना जाता है। यही कारण है कि अजित पवार द्वारा केबिन नंबर 602 को अस्वीकार करने की कहानी इस समय राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

Editorial

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