Pratahkal-BJP Rajasthan masterstroke before elections-MP Dr. Kirodi Lal Meena-Satish Poonia

जयपुर (कास) । भारतीय जनता पार्टी में राजस्थान (BJP Rajasthan) के नेताओं का कद लगातार बढ़ रहा है। दो दिन पहले छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और तेलंगाना राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव राजस्थान के नेताओं को प्रभारी नियुक्त किया। अब शनिवार को प्रदेश के दो और नेताओं का कद बढ़ाते हुए उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया। बीकानेर में प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) की सभा के बाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी अरूण सिंह (Arun Singh) ने 10 नेताओं को भाजपा (BJP) की राष्ट्रीय कार्यसमिति में सदस्य नियुक्त किया। इनमें राजस्थान (Rajasthan) के दो नेता शामिल हैं। पहले राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा
(MP Dr. Kirodi Lal Meena)
और दूसरे पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां (Satish Poonia)
पार्टी ने डॉ. मीणा को इसलिए दी तवज्जो : राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा पार्टी के वरिष्ठ नेता है। भ्रष्टाचार सहित अन्य मुद्दों पर कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा करने में डॉ. मीणा सबसे आगे रहते हैं। हर मुद्दे पर लोगों को राहत दिलाने के लिए वे धरना प्रदर्शन करते हैं और सरकार की पोल खोलते हैं। पिछले दिनों ऐसी चर्चाएं चल रही थी कि डॉ. मीणा को केन्द्रीय मंत्रीमंडल में शामिल किया जाएगा। हालांकि अभी तक मंत्रीमंडल का विस्तार नहीं हुआ लेकिन पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में स्थान देकर उनका कद बढ़ाया है।
पूनियां के स्थान पर जोशी को प्रदेशाध्यक्ष बनाने से नाराज हुआ जाट समाज : सतीश पूनियां भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष हैं। पिछले दिनों सतीश पूनियां का 3 साल का कार्यकाल पूरा हो गया तो पार्टी ने पूनियां के स्थान पर सीपी जोशी को पार्टी का नया प्रदेशाध्यक्ष बनाया। पूनियां के स्थान पर जोशी को प्रदेशाध्यक्ष बनाये जाने पर जाट समाज को एतराज हुआ था। समाज के कई नेताओं ने यह कहकर विरोध किया कि चुनावी साल में पूनियां के हाथ से कमान छीनना समाज के साथ धोखा है। पार्टी के लिए साढ़े तीन साल तक जी जान से मेहनत करने वाले को चुनावी साल में कुर्सी से हटाकर उन्हें पार्टी से दरकिनार करने के आरोप लगे थे। भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में जाट महासभा के पदाधिकारियों ने पुतला जलाकर विरोध भी किया था।
चुनावी साल में पूनियां का कद बढ़ाना भी था जरूरी : पार्टी ने सतीश पूनियां को पार्टी ने उपनेता प्रतिपक्ष बना दिया था। प्रदेशाध्यक्ष के तौर पर काम कर चुके नेता के लिए उपनेता प्रतिपक्ष का पद छोटा है। उनके ऊपर नेता प्रतिपक्ष का पद है जो राजेन्द्र राठौड़ के पास है। पार्टी में सतीश पूनियां का प्रमोशन के बजाय डिमोशन होने पर भी जाट समाज के लोग नाराज थे। पार्टी और समाज में पूनियां का कद बढ़ाने के लिए केन्द्रीय नेतृत्व ने सतीशं पूनिया को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया है। चुनावी लिहाज से भाजपा ने मीणा और जाट दोनों समाजों को साधने की कोशिश की है।

Editorial

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