Pratahkal - Udaipur News Update - Amit Shah starts election campaign from Udaipur
उदयपुर : केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) और प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) में जुबानी जंग शुरू हो गई है। केन्द्रीय गृहमंत्री ने उदयपुर (Udaipur) में आयोजित एक विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि गहलोत सरकार कन्हैयालाल तेली के हत्यारों को बचाना चाहती थी, इसी कारण इन हत्यारों को एनआईए (NIA) ने पकड़ा।
शाह ने कहा कि एनआईए ने तो 22 दिसम्बर 2022 में ही चार्जशीट बना दी थी पर राजस्थान सरकार कन्हैयालाल साहू के हत्यारों को बचाना चाहती है, इसी कारण अभी तक स्पेशल कोर्ट नहीं बनाई, नहीं अब तक वे हत्यारे फांसी पर लटक गए होते। साथ ही कहा कि जयपुर ब्लॉस्ट के आरोपी बरी हो और खुले घूम रहे ।
वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी एक ट्वीट (Tweet) कर कहा कि अमित शाह झूठ बोल रहे है क्योंकि कन्हैयालाल के हत्यारे गौस मोहम्मद और रियाज अत्तारी को घटना के चार घंटे बाद ही राजसमंद में पुलिस ने पकड़ लिया था और एनआईए को यह जांच चार दिन बाद सौंपी थी।
केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह उदयपुर में लोकसभा स्तरीय सम्मेनल को सम्बोधित करने के लिए उदयपुर आए थे । उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा कन्हैयालाल साहू के मामले में हत्यारों को सजा दिलवाने के लिए लिखे गए पत्र का हवाला देते हुए कहा कि गहलोत सरकार तो हत्यारों को बचाना चाहती थी । हत्यारों को एनआईए ने पकड़ा था और एनआईए ने 22 दिसम्बर 2022 को ही चार्जशीट बना दी थी।
गहलोत सरकार को स्पेशल कोर्ट बनानी थी जो अभी तक गहलोत सरकार नहीं बनाई । यदि गहलोत सरकार ने कोर्ट बना दी होती तो अब तक हत्यारों को फांसी पर लटका दिया होता। शाह ने कहा कि गहलोत सरकार हत्यारों को बचाने का काम कर रही है।
गहलोत सरकार वोट बैंक की राजनीति कर रही है और बहुसंख्यक समाज के साथ अन्याय कर रही है।
शाह ने कन्हैयालाल साहू को सुरक्षा देने का काम सरकार का था पर सरकार असफल रही और एक निर्दोष की हत्या हो गई। साथ कहा कि सरकार कन्हैयालाल का मामला तो उठा रही पर जयपुर में जो ब्लास्ट हुआ था, जिसमें कई लोग मारे गए थे, उनकी पैरवी करने के लिए कोई वकील तक नहीं गया और वे सभी बरी हो गए।
मुख्यमंत्री गहलोत ने दिया कड़ा जवाब
'जिम्मेदार पदों पर रहने वालों को आतंकवाद जैसे मुद्दों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए'
गहलोत ने ट्वीट कर केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह को करारा जवाब दिया है। अशोक गहलोत ने ट्वीट किया कि यह उम्मीद की जाती है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीति नहीं करेंगे, परन्तु शुक्रवार को उदयपुर में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जो किया वह एक गैर जिम्मेदाराना कार्य है। अमित शाह द्वारा उदयपुर में झूठ बोला गया कि कन्हैयालाल के हत्यारों रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद को एनआईए ने पकड़ा, जबकि सत्य यह है कि इन्हें घटना के महज चार घंटों में राजस्थान पुलिस पकड़ लिया था । यह दुखद घटना 28 जून 2022 को हुई थी जबकि एनआईए को इस केस की फाइल 2 जुलाई 2022 को ट्रांसफर हुई। अमित शाह को संभवतः जानकारी में होगा कि ये दोनों हत्यारे भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता थे। उन्हें ये जांच करवानी चाहिए कि इन दोनों के मददगार कौन भाजपा नेता थे, जो इनके लिए पुलिस थानों में फोन करते थे । एक ओपन एंड शट केस में चार्जशीट फाइल होने में भी इतना अधिक समय क्यों लगा और इन्हें अब तक सजा क्यों नहीं हुई। दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री अशो गहलोत ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से अपील की थी कि कन्हैयालाल के हत्यारों को
जल्द सजा दी जाए। बुधवार को गहलोत ने कहा कि यह बहुत सीधा केस है, जिसमें साफ सबूत मौजूद हैं। कन्हैयालाल हत्याकांड की पहली बरसी पर गहलोत ने कहा, ऐसे केस में एक साल बाद भी आरोपियों को सजा ना होना 'दुखद है । आरोपियों को जल्द सजा दिए जाने की अपील करते हुए गहलोत ने कहा कि उनक सरकार ने केसों का जल्दी निपटारा करते हुए रेप करने वालों को एक महीने के भीतर फांसी की सजा दिलवाई है।
साजिशकर्ताओं को एनआईए ने पकड़ा
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की यह बात सही है कि रियाज और गौस मोहम्मद को पुलिस ने पकड़ा था पर इन दोनों के बाद साजिशकर्ताओं की सारी गिरफ्तारी एनआईए ने की थी। जिसमें एनआईए ने उदयपुर, अजमेर और हैदराबाद इन हत्यारों को गला रेतकर ट्रेनिंग देने वाले और उकसाने वाले आरोपियों को पकड़ा था। एनआईए ने जिस फैक्ट्री में गला रेंतने ने वाले हथियार बनाए और जहां पर बैठकर हत्या के बाद के विडियों बनाएं वहां पर भी दबिश देकर कार्यवाही की थी।
Editorial

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