✕
यू ग्रो, गर्ल! इस अभियान को प्रारंभ
By EditorialPublished on
हर मिनट तेज़ी से बदलते देश की नींव है उसके युवा (Youth), तथा उनकी समस्याओं का समाधान है उस देश की सफलता की प्राथमिकता। इसी भाव को मद्दे नज़र रखते हुए मल्हार २०२३ (Malhar 2023) जुड़ा प्रोजेक्ट नवेली (Project Naveli) के साथ, जो प्रख्यात अभिनेता अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) की नातिन नव्या नवेली नंदा द्वारा सह- स्थापित एक महिला एनजीओ है ।
_202307011537457896.jpg)
हर मिनट तेज़ी से बदलते देश की नींव है उसके युवा (Youth), तथा उनकी समस्याओं का समाधान है उस देश की सफलता की प्राथमिकता। इसी भाव को मद्दे नज़र रखते हुए "मल्हार २०२३ " (Malhar 2023) जुड़ा "प्रोजेक्ट नवेली" (Project Naveli) के साथ, जो प्रख्यात अभिनेता अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) की नातिन नव्या नवेली नंदा द्वारा सह- स्थापित एक महिला एनजीओ है । २८ जून २०२३ को उन्होंने "यू ग्रो, गर्ल!" इस अभियान को प्रारंभ किया जिसमे वे छात्रों के साथ चर्चा के माध्यम से सामाजिक जागृत्ता फैलाना चाहते है।
मल्हार पूरी तरह से एक छात्र संचालित फ़ेस्ट है और उन्हीं छात्रों की जिंदगी बेहतर बनाने का प्रयास हमेशा से करता आ रहा है। इस वर्ष १३, १४ और १५ अगस्त को होने वाले इस फ़ेस्ट की थीम है "आय ऑफ द स्टॉर्म " जिसके द्वारा वे अपने सारे प्रतिभागियों व दर्शकों को सकारात्मक दृष्टिकोन से जीवन की सभी समस्याओं में शांति तथा शक्ति ढूँढने में सहायता करना चाहता है।
"प्रोजेक्ट नवेली" तथा मीडिया संगठन "युवा" ने एक अखिल भारतीय रोड शो आयोजित किया है। इसके माध्यम से वे ७ शहरों के २५ कॉलेजो में छात्रों से मिलकर और उनके विचार समझकर सड़क पर देखे जाने वाले यौन उत्पीड़न जैसे भयानक तथा अक्सर होने वाली समस्याओं का हल ढूँढना चाहते है। इसी के साथ वे महिला सशक्तिकरण, आत्म विकास और वित्तीय साक्षरता व उद्यमिता की सकारात्मक बुनियाद निर्माण करना चाहते है, जिसका पहला कदम उन्होंने सैंट जेवियर्स कॉलेज में बेहद उत्साह से लिया। नव्या नंदा ने “प्रोजेक्ट नवेली फेलोशिप' की घोषणा भी की जो आज के युवा में उद्यमशीलता निर्माण करने के हेतु से वे १० सर्वोत्तम छात्रों द्वारा शुरू किए व्यवसायों को बढ़ावा देंगे।
लोरियल के “स्टैंड अप" इस अभियान के माध्यम से उन्होंने सारे दर्शकों को यह याद दिलाया की घूरना, छेड़खानी करना और अवैधित प्रकार से छूना ये सारे यौन उत्पीड़न के प्रकार है तथा सभी इसके शिकार बन सकते है, पुरुष, महिला या अन्य । नव्या नंदा ने सारे छात्रों में इस सामाजिक बुराई के विचार से लढ़ने की उम्मीद जगायी और युवकों को याद दिलाया की उनकी एकता ही उनकी ताक़त है।

Editorial
Next Story
Related News
X


_202307011537457896.jpg.jpg)