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संसद के इसी सत्र में लाया जा सकता है यूसीसी पर बिल
By EditorialPublished on
समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर केंद्र सरकार (Central Government) बड़ा दांव चलने जा रही है। मोदी सरकार (Modi Government) यूसीसी को लेकर संसद के मानसून सत्र में लाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों का कहना है कि इसी सत्र में समान नागरिक संहिता को संसद में लाया जा सकता है। इस बिल को संसदीय समिति को भी भेजा जा सकता है। 2024 के चुनाव (Election) से पहले इसे भाजपा (BJP) का मास्टर स्ट्रोक कहा जा रहा है।

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नई दिल्ली : समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर केंद्र सरकार (Central Government) बड़ा दांव चलने जा रही है। मोदी सरकार (Modi Government) यूसीसी को लेकर संसद के मानसून सत्र में लाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों का कहना है कि इसी सत्र में समान नागरिक संहिता को संसद में लाया जा सकता है। इस बिल को संसदीय समिति को भी भेजा जा सकता है। 2024 के चुनाव (Election) से पहले इसे भाजपा (BJP) का मास्टर स्ट्रोक कहा जा रहा है।
संसदीय समिति की 3 जुलाई को बैठक
समान नागरिक संहिता को लेकर 3 जुलाई को संसदीय समिति की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सांसदों की राय जानी जाएगी। इस बैठक में विधि आयोग के अलावा कानूनी जानकार भी मौजूद रहेंगे। इससे पहले लॉ कमीशन की ओर से यूसीसी को लेकर लोगों की राय जानने के लिए भी बैठक हुई थी। इसमें भी यह अधिकारी मौजूद रहे थे।
17 जुलाई से शुरू हो सकता है मानसून सत्र
संसद (Parliament) का मानसून सत्र 17 जुलाई से शुरू हो सकता है। यह 10 अगस्त तक चल सकता है। बता दें कि हर साल मानसून के दौरान जुलाई में संसद सत्र का आयोजन किया जाता है। पिछले साल 18 जुलाई से मानसून सत्र की शुरूआत हुई थी। संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति की जल्द ही बैठक होने वाली है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सत्र की तारीख को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
प्र. म. मोदी ने क्या दिया था बयान?
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भोपाल में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के मुसलमानों को यह समझना होगा कि कौन से राजनीतिक दल उनको भड़का रहे हैं। आजकल यूसीसी के नाम पर भड़का रहे हैं। प्र.म. मोदी ने कहा कि एक घर में एक सदस्य के लिए एक कानून हो और दूसरे के लिए दूसरा तो घर चल पायेगा क्या? तो ऐसी दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चल पाएगा? ये लोग हम पर आरोप लगाते हैं। प्र.म. मोदी ने कहा कि ये अगर मुसलमानों के सही हितैषी होते तो मुसलमान पीछे नहीं रहते। सुप्रीम कोर्ट बार-बार कह रहा है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड लाओ लेकिन ये वोट बैंक के भूखे लोग ऐसा नहीं करना चाहते ।

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