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अलास्का जहाज यात्रा 31 : घटिया आतिशबाजी के प्रदर्शन से निराशा
By EditorialPublished on
मैं जहां बैठा था उसके सामने बहुत बड़ा लॉन था, यहां कुर्सियां लगी हुई थी, सब भरी हुई थीं, लोग कम्बल बिछाकर लॉन पर भी बैठे थे। कई लोग अपने साथ फोल्डिंग कुर्सियां लेकर आये थे, वही खोल कर बैठे थे, कई वृद्ध लोग पर भी बैठे थे। पूरा लॉन खचाखच भरा था। लॉन के सामने अत्यन्त सुन्दर पेवेलियन बना हुआ था, यहां दो गायक कोई गीत गा रहे थे, पास ही बहुत बड़े बड़े स्पीकर पड़े थे जिससे गीतों की आवाज समूचे प्रांगण में गुंजायमान हो रही थी। गीत जरूर अत्यन्त लोकप्रिय रहा होगा क्यूंकि चलते फिरते लोग तक गायक के साथ स्वर मिला कर गाये

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