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जोधपुर में घांची समाज का मौन शक्ति प्रदर्शन
By EditorialPublished on
घांची समाज जोधपुर (Ghanchi community Jodhpur) की ओर से सुरवाडी जमीन बचाने के लिए विशाल मौन जुलूस निकाला गया। हजारों की संख्या में बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे सड़क पर उतरे। इस मौन जुलूस के जरिए समाज ने सरकार को एकता की ताकत दिखाई। जालोरी गेट से रवाना हुआ यह मौन जुलूस 3 किलोमीटर पैदल चलता हुआ कलेक्ट्रेट पहुंचा। घांची समाज के सभी प्रतिष्ठान बंद रहे और कोविड के बाद यह पहला मौका था जब दूध के चौहटे पर भी व्यापार नहीं हुआ।

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जोधपुर : घांची समाज जोधपुर (Ghanchi community Jodhpur) की ओर से सुरवाडी जमीन बचाने के लिए विशाल मौन जुलूस निकाला गया। हजारों की संख्या में बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे सड़क पर उतरे। इस मौन जुलूस के जरिए समाज ने सरकार को एकता की ताकत दिखाई। जालोरी गेट से रवाना हुआ यह मौन जुलूस 3 किलोमीटर पैदल चलता हुआ कलेक्ट्रेट पहुंचा। घांची समाज के सभी प्रतिष्ठान बंद रहे और कोविड के बाद यह पहला मौका था जब दूध के चौहटे पर भी व्यापार नहीं हुआ।
यह है सुरवाड़ी जमीन आंदोलन :
घांची महासभा के अध्यक्ष जुगल भाटी ने बताया कि घांची समाज के पूर्वजों ने कई सालों पहले जोधपुर से सरदारसमंद रोड पर 8772 बीघा जमीन खरीदी थी। जो कि कानूनी पेचीदगी के कारण फिर से सरकार के पास चली गई है। अब समाज फिर से वही जमीन सरकार से मांग रहा है। यह जमीन गोपालको के लिए खरीदी गई थी।
हजारों की संख्या में समाज के लोग उतरे सड़कों पर :
सुरवाडी हक आक्रोश मौन रैली में घांची समाज के हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। इसमें जोधपुर जिले के साथ ही आसपास के शहरों से भी घांची समाज के लोग पहुंचे। बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने भी इस मौन रैली में भाग लिया । तपती धूप में भी सभी ने करीब 3 घंटे तक मौन आक्रोश जताया।
बंद रहे दूध चौहटे और डेयरी :
रैली संयोजक मूलचन्द भाटी ने 7 जून को सुबह दूध चोहटे और डेयरी जो कि घांची समाज के प्रतिष्ठान है सभी बंद रखे गए। ऐसे में बुधवार को सुबह के समय हजारों लीटर दूध की बिक्री नहीं हुई। कोरोना के बाद यह पहली बार है जब दूध के चौहटे में व्यापार नहीं हुआ । इस अवसर पर बाइक रैली संयोजक वरुण धनाडिया, नैनुराम राठौड उपसचिव, अचलुराम सोलंकी कोषाध्यक्ष, किशन भाटी उपकोषाध्यक्ष, महेन्द्र परिहार विधि सलाहाकार, ई. लक्ष्मीनारायण भाटी ऑडिटर, राजेंद्र बोराणा, पूर्व विधायक मदन राठौड़, आशीष बोराणा ऑडिटर, आनन्द भाटी पूर्व अध्यक्ष, राजेन्द्र भैरावत पूर्व महासचिव, गौरीशंकर बोराणा, नेता प्रतिपक्ष लक्ष्मीनारायण सोलंकी, घनश्याम भाटी, अशोक, गीता भाटी, सुशीला भाटी, चंद्रा सोलंकी मौजूद रहे।
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