Pratahkal - Top News Update - Black business from the dark net and transaction in crypto
नई दिल्ली : नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने एक ऑल इंडिया तस्करी नेटवर्क (All India Smuggling Network) का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान बड़े पैमाने पर सिंथेटिक रसायन बेस्ड (Synthetic Chemical Based) एक नशीली दवा के 15000 से अधिक ब्लॉट्स जब्त किए गए हैं। इसे एलसीडी या लिसर्जिक एसिड डायथाइलमाइड नाम से जाना जाता है। यह तस्करी नेटवर्क डार्क वेब के जरिए चलाया जा रहा था और लेन-देन के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करता था। इस मामले में छह लोगों गिरफ्तार (Arrested) किया गया है। एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर जनरल ज्ञानेश्वर सिंह (Deputy Director General Dnyaneshwar Singh) ने मंगलवार को बताया कि एजेंसी द्वारा सिंगल ऑपरेशन के दौरान की गई यह सबसे बड़ी जब्ती है। उन्होंने बताया कि यह नेटवर्क वर्चुअली तौर पर चलाया जा रहा था पेमेंट क्रिप्टोकरेंसी और क्रिप्टो वॉलेट के जरिए की होता था ।
खरीदने-बेचने वालों का संपर्क नहीं
ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि खरीदने और बेचने वालों का कभी आपस में संपर्क नहीं होता था । डार्क वेब या डार्क नेट इंटरनेट के उस खास पहलू के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिसे गैरकानूनी चीजों को बेचने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। एक अधिकारी ने बताया कि एनसीबी ने जिस ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, वह पोलैंड, नीदरलैंड्स और अमेरिका समेत भारत के विभिन्न राज्यों तक फैला हुआ है। कॉमर्शियल तौर पर भी एलएसडी की 0.1 ग्राम ही रखा जा सकता है। इससे अधिक रखने वालों को नारकोटिक्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत आरोपों का सामना करना पड़ेगा। इससे पहले साल 2021 में छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में एलएसडी बरामद की थी। तब कर्नाटक पुलिस ने 5000 ब्लॉट्स और इसके अगले साल एनसीबी के कोलकाता ऑफिस ने बरामद किया था।
मई में नेवी ने बरामद की थी 25 हजार करोड़ की ड्रग्स
एनसीबी (NCB) की यह घोषणा पिछले महीने नौसेना के साथ एक संयुक्त अभियान के कुछ दिनों बाद आई है। इसमें केरल के तट से 25,000 करोड़ रूपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए थे। दवा मेथामफेटामाइन थी और इसकी मात्रा 2,500 किलोग्राम से अधिक थी ।
Editorial

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