Pratahkal-Mumbai-Acharya Mahashraman reached Pargaon
मुंबई । वर्ष 2023 के चातुर्मास के लिए मुम्बई (Mumbai) की ओर अग्रसर आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) पालघर जिले में गतिमान हैं।
सोमवार प्रातः उनका सफाले से विहार हुआ। वे साढे आठ किलोमीटर विहार कर पारगांव में जिला परिषद केंद्र शाला पहुंचे। वहां गांव के सरपंच आदि ने अगवानी की। केन्द्रशाला में आयोजित प्रवचन कार्यक्रम के दौरान आचार्य महाश्रमण ने कहा कि आदमी झूठ बोलता है। उसके पीछे कारण क्या हो सकता है, इस पर मीमांसा की जा सकती है। इसके दो कारण बताए गए-आत्मार्थ अथवा परार्थ। आदमी अपने स्वयं के हित के लिए झूठ बोलता है अथवा दूसरों के बचाव के लिए झूठ बोलता है। आदमी के झूठ बोलने के कारणों पर विचार किया जाए तो आदमी या तो गुस्से में झूठ बोलता है अथवा भय का भाव होता है तो आदमी झूठ बोल जाता है। इसके अलावा लोभ और हंसी-मजाक भी झूठ बोलने का कारण हो सकता है।
झूठ बोलना एक प्रवृत्ति होती है, किन्तु इसके पृष्ठभूमि में आदमी की वृत्ति होती है। इसलिए प्रवृत्ति को मिटाने के लिए वृत्ति रूपी कारण को मिटाने का प्रयास होना चाहिए। आदमी को कारण के मूल जाकर कारण को मिटा दिया जाए तो वह कार्य होगा ही नहीं। प्रेक्षाध्यान के द्वारा राग-द्वेष के भावों को दूर कर झूठ बोलने की प्रवृत्ति से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है और सत्य की साधना की जा सकती है। अध्यात्म की साधना के द्वारा आदमी अपनी चेतना का ऊर्ध्वारोहण कर सकता है। उन्होंने उपस्थित जनता को कुछ देर प्रेक्षाध्यान का प्रयोग भी कराया।
Editorial

Editorial

Next Story