कुश्ती की विरासत को बढावा देने के लिए सतवास में आवासीय अखाडे की शुरूआत
भगवान श्रीकृष्ण (Lord shri krishna) की क्रीडास्थली में विलुप्त होती जा रही कुश्ती की विरासत (Legacy of wrestling) को बढावा देने के लिए कामां क्षेत्र बृज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग स्थित गांव सतवास में स्वतंत्रता सैनानी रामसिंह की स्मृति में जसवन्त अखाडा का विधिविधान के साथ शुरू किया गया है।

कामां : भगवान श्रीकृष्ण (Lord Shri Krishna) की क्रीडास्थली में विलुप्त होती जा रही कुश्ती की विरासत (Legacy of Wrestling) को बढ़ावा देने के लिए कामां क्षेत्र बृज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग स्थित गांव सतवास में स्वतंत्रता सेनानी रामसिंह की स्मृति में जसवन्त अखाड़ा विधिविधान के साथ शुरू किया गया है।
अखाड़े के संचालक जसवन्त सिंह छौकर ने बताया कि कामां में कुश्ती की विरासत धीरे-धीरे समाप्त हो रही है और लोग इससे पीछे हट रहे हैं। इस विरासत को बढ़ावा देने और युवाओं को कुश्ती के लिए प्रेरित करने हेतु सतवास गांव में परिक्रमा मार्ग पर जसवन्त अखाड़ा का विधि-विधान के साथ शुभारंभ किया गया। फिलहाल दस से पंद्रह युवा पहलवानों को आवासीय प्रशिक्षण शुरू किया गया है।
अखाड़े का पूजन राजस्थान केसरी रतन पहलवान, मेजर विक्रम सिंह बादीपुर, व्यापार महासंघ के अध्यक्ष कमल अरोड़ा, सूबेदार लच्छो सिंह, पूर्व सरपंच इन्दल सिंह, सुरेन्द्र सिंह टीकरी सहित अन्य पहलवानों ने किया।

