Pratahkal - Udaipur News Update - Not welcome, the city is littered with hoardings of claimants
उदयपुर : केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) शुक्रवार को उदयपुर (Udaipur) में एक विशाल आम सभा को सम्बोधित करने के लिए आ रहे है। वहीं पूरा शहर होर्डिंगों (Hoardings) से अटा पड़ा है। दावेदारों ने अमित शाह के स्वागत के लिए नहीं अपनी दावेदारी पेश करने के लिए शहर में होर्डिंग लगाए है और इतने लगाए है कि सारे शहर में भाजपा नेताओं के चेहरे ही नजर आ रहे है, जो उदयपुर शहर विधानसभा से दावेदारी कर रहे है ।
उदयपुर के पूर्व विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे गुलाबचंद कटारिया (Gulabchand Kataria) को आसाम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद से ही उदयपुर में एक बड़ा वैक्यूम आ गया है और अब कटारिया के जाने के बाद अब कटारिया के दूसरी लाईन वाले नेता चाहते है कि वे आगामी चुनाव लड़कर शहर के विधायक
(Legislator)
बने। इसमें एक दर्जन के करीब नेता ऐसे है जो सक्रिय तो पहले भी थे, पर कटारिया के जाने के बाद अब ओर भी ज्यादा सक्रिय हो गए है और अपनी दावेदारी पेश कर रहे है। इसी को लेकर आए दिन जब भी मौका मिलता है तो दावेदार शहर में खासे सक्रिय है।
इन दावेदारों के लिए शुक्रवार को होने वाली केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह की सभा बेहद ही महत्वपूर्ण है और इसके लिए वे अपना प्रयास कर रहे है। इसी को लेकर शहर में अधिकांश दावेदारों ने अपने होर्डिंग लगाएं है। शहर का ऐसा कोई चौराहा नही बचा जहां पर दावेदारों अपने होर्डिंग ना लगाएं हो । लाखों रूपए खर्च कर दावेदारों ने अपने हार्डिंग लगाए है और पूरा शहर होर्डिंगों से अटा पड़ा है।
बताया जा रहा है कि दावेदारों न डबोक एयरपोर्ट से लेकर हर उस रास्ते पर जहां से केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह का काफिला होकर गुजरेगा वहां पर अपने होर्डिंग लगाए है, जिसमें इन दावेदारों ने उदयपुर शहर को भी नहीं छोड़ा है, जबकि इन दावेदारों को भी पता है कि अमित शाह शहर से होकर नहीं बाहर से होकर सभा स्थल पर पहुँचेंगे। वहीं रूपसागर स्थित होटल हावर्ड जॉनसन के रास्ते पर भी दावेदारों के होर्डिंग लगाए गए है। दावेदार को उम्मीद है कि वे अमित शाह के नजर में आ जाएंगे और उन्हें टिकट मिल 5 जाएगा।
एक ने तो दो साथियों के फोटो ही नहीं लगा
एक दावेदार ने अपने होर्डिंग में निगम के पार्षदों के फोटो भी लगाएं है, जिसमें निर्दलीय चुनाव लड़कर आया वो पार्षद भी शामिल है पर इसमें वह दो वरिष्ठ पार्षदों के फोटो लगाना भूल गए है, इसी कारण इस होर्डिंग की खासी चर्चा शहर में हो रही है।
Editorial

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