Pratahkal - Jaipur News Update - Correct and accurate data is the basis of sustainable development
जयपुर : महान सांख्यिकीविद् प्रो. प्रशांत चंन्द्र महालनोबिस की 130वीं जयंती (130th Birth Anniversary) के मौके पर आयोजित 17वें सांख्यिकी दिवस के मौके पर जयपुर (Jaipur) में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ। विद्याधर नगर स्थित आरवाईएमपी भवन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास (Rajasthan State Industrial Development) एवं निवेश निगम (रीको) के स्वतंत्र निदेशक सीताराम अग्रवाल ने की।
सांख्यिकी अधिकारियों (Statistics Officers) को संबोधित करते हुए अग्रवाल ने कहा कि सही एवं सटीक आंकडे ही देश-प्रदेश के सतत विकास का आधार है। राजस्थान सरकार का आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग इस दिशा में बेहतरीन काम कर रहा है यही कारण है कि विभाग द्वारा तैयार किये गए आंकड़ो की बुनियाद पर ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
(CM Ashok Gehlot)
ने प्रदेश की जनता एवं उद्योगपतियों के लिए एक से बढ़कर एक योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने महंगाई राहत कैंप की सफलता में सांख्यिकी विभाग के अधिकरियों, कर्मचारियों के साथ-साथ राजीव गांधी युवा मित्रों की भूमिका को भी बेहद अहम बताया और कहा कि महंगाई राहत कैंपों में अधिकांश परिवारों ने राजस्थान सरकार की 10 बड़ी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। महंगाई राहत कैंप के सफल एवं सुचारू संचालन कर्मचारियों एवं अधिकारियों की मेहनत एवं समर्पण का परिणाम है।
समारोह में उपनिदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग हीरा लाल जाटव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में सांख्यिकीय गतिविधियों एवं सेवाओं के निष्पादन हेतु वर्ष 1956 में स्थापित आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय राज्य बजट के निर्माण करने, राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में अपना योगदान देता है। साथ ही राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास परिदृश्य के आंकलन हेतु आवश्यक समंकों के संकलन एवं विश्लेषण में भी निदेशालय अपनी अहम भूमिका निभा रहा है।
जिला स्तरीय कार्यशाला में जयपुर जिले के ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारियों, सहायक सांख्यिकी अधिकारियों, सांख्यिकी निरीक्षकों ने अपने अनुभव साझा किये। इस दौरान आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग सहित अन्य सहित अन्य विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित राजीव गांधी युवा मित्र भी मौजूद रहे।
Editorial

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