Pratahkal - Jaipur News Update - Branding of products of Divyangjan should encourage their skills: Governor
जयपुर : राज्यपाल श्री कलराज मिश्र (Governor Shri Kalraj Mishra) ने दिव्यांगजनों के उत्पादों की वृहद स्तर पर ब्रांडिंग (Branding) कर उनके हुनर और शिल्प कौशल को प्रोत्साहन दिए जाने पर बल दिया है। उन्होंने गुरूवार को जवाहर कला केन्द्र में दिव्य कला मेले के उद्घाटन (Inauguration) के बाद आमजन से आह्वान किया कि अधिकाधिक संख्या में यहां आएं और मेले में प्रदर्शित उत्पादों को अपनाएं।
राज्यपाल ने केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित दिव्य कला मेले में कहा कि दिव्यांगजनों के हुनर और उनके कौशल को जनता तक पहुंचाने की दिशा में इस तरह के मेलों की बहुत सार्थकता है। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह कि इन आयोजनों से दिव्यांगों में आत्मविश्वास का सृजन होता है और उनके आर्थिक सशक्तिकरण
(Economic Empowerment)
को बल मिलता है ।
श्री मिश्र ने कहा कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए ही नहीं, भारतीय कला और शिल्प के प्रसार की दृष्टि से भी ये मेले महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि बाजारवाद और विज्ञापन के दौर में ऐसे मेले कलाओं और संस्कृति से जुड़ी मन की अभिव्यक्ति को उत्पाद के रूप में सामने लाते हैं।
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार (Dr. Virendra Kumar) ने कहा कि देश में अलग अलग राज्यों में दिव्य कला मेलों का आयोजन कर वहां के दिव्यांगजन द्वारा निर्मित उत्पादों को मंच प्रदान किया जा रहा है। इसी प्रकार, दिव्यांगजन की कला-प्रतिभा को पहचान देने के लिए दिव्य कला शक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि समाज से इन आयोजनों को मिल रहे समर्थन से दिव्यांगों में नई आशा और स्वावलम्बन की भावना का संचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में 13 हजार शिविरों का आयोजन कर 25 लाख दिव्यांग जन को सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं।
सांसद श्री रामचरण बोहरा ने कहा कि दिव्यांगजन के कल्याण के लिए भारत सरकार ने विशेष पहल की है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनके हुनर को निखारकर उन्हें मुख्यधारा में लाने का कार्य किया जा रहा है।
इससे पहले राज्यपाल ने दिव्य कला मेले का फीता काट कर उद्घाटन कर दिव्यांग उद्यमियों द्वारा निर्मित विशिष्ट हस्त शिल्प, हथकरघा और अन्य उत्पादों का अवलोकन किया और उनके शिल्प कौशल की सराहना की। उन्होंने दिव्यांग स्वावलम्बन योजना के अंतर्गत दिव्यांगजन को स्वरोजगार शुरू करने के लिए रियायती ऋण की स्वीकृतियां, ट्राइसाइकिल, हियरिंग एड, वाकिंग स्टिक आदि सहायक उपकरण भी वितरित किए। राज्यपाल ने उपस्थित जन को संविधान की प्रस्तावना का वाचन भी करवाया और मूल कर्तव्यों का पठन किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के संयुक्त सचिव श्री राजेश यादव, उप महानिदेशक श्री किशोर बी. सरवाड़े सहित देशभर से आए दिव्यांगजन, कारीगर और हस्तशिल्पी उपस्थित रहे ।

Editorial

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