Pratahkal - Main News Update - Those who come wearing Kalava

नई दिल्ली : जब देश में ईशनिंदा के नाम पर 'सिर तन से जुदा' के नारे सुनाई देने लगे तो कुछ इस्लामी (Islamic) बुद्धजीवियों ने आगे आकर विरोध किया था और अब लव जिहाद का शोर है। दिल्ली (Delhi) के साक्षी हत्याकांड (Sakshi murder case) से पूरा देश सन्न रह गया। कट्टरपंथी विचारधारा और लव जिहाद (Love jihad) के खिलाफ बरसते हुए इस्लामी विद्वान मुफ्ती शमून कासमी ने साहिल खान जैसे लोगों को राक्षस कहा है। एक टीवी डिबेट में कासमी (Kasmi) ने कहा, हम उस दौर से गुजरे हैं कि अल्ट्रासाउंड के चलते हमारी बच्चियों की हत्या करा दी जाती थी । आज ये राक्षस लव जिहाद की बात कर रहे हैं, इन्हें तो जिहाद के मायने भी मालूम नहीं हैं। मैं समझता हूं कि ये घोर अपराध है। इस्लामी विद्वान ने कहा कि मैं अपने भारत की बेटियों से कहना चाहता हूं कि इन राक्षसों के धोखे में बिल्कुल मत आइए अगर ये कलावा पहनकर नाम बदलकर आते हैं... जो आदमी अपना धर्म बदल ले और अपनी पहचान बदल ले। इसका मतलब वह अपने मजहब का अनुयायी नहीं है। दरअसल, साहिल
(Sahil)
के बारे में पता चला है कि वह धर्म छिपाने के लिए कलावा पहनता था और रूद्राक्ष की माला भी खरीदी थी।
'साहिल जैसे लोगों का इस्लाम से ताल्लुक नहीं'
कासमी ने आगे बरसते हुए कहा कि ऐसे लोगों का कोई ताल्लुक किसी धर्म से नहीं है, इस्लाम से हो ही नहीं सकता। बच्चियों से कहूंगा कि ऐसे राक्षसों से, जो अपने चोले बदलकर आते हैं उनसे खबरदार रहिए। बेटियों की हिफाजत सरकार और समाज की जिम्मेदारी है। इसको (साहिल खान) कड़ी से कड़ी सजा देनी चाहिए और समाज इसका बहिष्कार करे।
दरअसल केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, झारखंड, असम, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार, यूपी, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली से एक के बाद एक लव जिहाद के मामले सामने आ रहे हैं। इसके तहत नाम बदलकर जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाने के साथ किडनैपिंग के सनसनीखेज मामले आए हैं। फ्रिज में शरीर के टुकड़े करके आफताब ने रखा था। साहिल बेरहमी से साक्षी को चाकू घोंपता रहा।
कासमी ने लव जिहाद रोकने के लिए कड़े कानून की मांग की। उन्होंने कहा कि जो लोग हत्याएं कर रहे हैं, इनके लिए मुसलमान कहना भी गलत है। ऐसे लोगों को कैसे सपोर्ट किया जा सकता है। ऐसे लोगों का जो सपोर्ट करते हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस्लाम तो करूणा और प्यार की बात करता है। अगर किसी एक इंसान का कत्ल कर दिया तो जैसे सारी इंसानियत का कत्ल कर दिया। मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं जिनका खून सफेद हो गया है जब उस बच्ची का मर्डर हो रहा था, तो पास वाले लोगों को क्या आप इंसान कहेंगे। वे बुजदिल अगर ललकार देते तो उस हत्यारे के पैर उखड़ जाते जो जालिम होता है, उसमें ताकत नहीं होती है। उन्होंने उत्तराखंड (Uttarakhand) की तरह कठोर कानून का समर्थन किया ।
Editorial

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