Pratahkal - Jaipur News Update - Yoga Day
जयपुर : केंद्रीय संचार ब्यूरो (Central communications bureau), सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के प्रादेशिक कार्यालय, जयपुर (Jaipur) द्वारा मुख्य पोस्टमास्टर जनरल कार्यालय जयपुर में योग दिवस काउंटडाऊन के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता एंव योगाभ्यास कार्यक्रम (Yoga exercise program) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम मे डाक विभाग के 150 से अधिक अधिकारी एंव कर्मचारियो ने सामान्य योग प्रोटोकॉल का अभ्यास किया। इस अवसर पर अनुवृता दास, निदेशक, मुख्य पोस्टमास्टर कार्यालय जयपुर, केन्द्रीय संचार ब्यूरो के संयुक्त निदेशक रामखिलाड़ी मीणा, सहायक निदेशक रामेश्वर लाल मीणा एंव संतोष वेंकटरमन उपस्थित थे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप मे विचार व्यक्त करते हुए मुख्य पोस्टमास्टर जनरल कार्यालय की निदेशक अनुवृता दास ने कहा कि आज के तनाव से भरे जीवन में योग शरीर और मन को संतुलित और स्वस्थ रखने का श्रेष्ठ उपाय है।
उन्होने उपस्थित सभी अधिकारी एंव कर्मचारियो से अपील की कि योग को अपनी दैनिक जीवनशैली मे अपनाये। इस अवसर पर बोलते हुए केन्द्रीय संचार ब्यूरो के संयुक्त निदेशक रामखिलाड़ी मीणा ने बताया कि केन्द्रीय संचार ब्यूरो जयपुर शहर मे कार्यरत बड़े केन्द्रीय कार्यालयों मे आने वाले दिनो मे राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के सहयोग से सामान्य योग प्रोटोकॉल के प्रदर्शन का कार्य कर योग पर जागरुकता की मुहिम मे जुटा हुआ है।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रुप मे बोलते हुए डॉ. पुनित चतुर्वेदी, सहायक आचार्य, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर ने उपस्थित भारतीय डाक विभाग के अधिकारी एंव कर्मचारियो से कहा कि हमे विभिन्न प्राणायाम, आसन, मुद्राए, ध्यान एंव योग के दौरान रखी जाने वाली सावधानियो के बारे मे बताया। उन्होने कहा कि जब भी करे योग विशेषज्ञ की देखरेख मे करे ताकि गलत तरीके से किये जाने वाले योग से होने वाले दुष्प्रभावों से बचा जा सके।
इस अवसर पर राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (National Institute of Ayurveda) के सहायक आचार्य डॉ पुनीत चतुर्वेदी के नेतृत्व में डॉ. निशा, डॉ. कैलाश, डॉ सुनील तथा वैध गिरधर द्वारा योगा प्रदर्शन किया गया। योगाभ्यास कार्यक्रम में उच्च रक्तताप एंव मिरगी के रोग वाले व्यक्तियो को कपाल भाति का अभ्यास सावधानीपूर्वक करने की सलाह दी ।
उन्होने ऐसिडिटी के रोगी के लिए शीतली एंव शीतकारी करने तथा तनाव और अनिद्रा के लिए भ्रामरी एंव कमरदर्द के लिए भुजंगासन, शलभासन एंव अन्य योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया गया ।
Editorial

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