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अनिल परब सहित उद्धव गुट के 5 नेताओं पर FIR
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मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने बीएमसी (BMC) के एक इंजीनियर (Engineer) पर हमला करने और उसे धमकी देने के आरोप में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधान पार्षद एवं महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल परब (Anil Parab) और चार अन्य के खिलाफ मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की। वकोला के एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, अनिल परब नै अन्य शिवसेना (यूबीटी) पदाधिकारियों के साथ सोमवार दोपहर बाद बीएमसी के एच-ईस्ट वार्ड में एक मोर्चा निकाला था और पिछले हफ्ते उपनगरीय बांद्रा में एक पार्टी कार्यालय पर की गई कार्रवाई को लेकर नाराजगी जाह

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मुंबई : मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने बीएमसी (BMC) के एक इंजीनियर (Engineer) पर हमला करने और उसे धमकी देने के आरोप में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधान पार्षद एवं महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल परब (Anil Parab) और चार अन्य के खिलाफ मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की। वकोला के एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, अनिल परब नै अन्य शिवसेना (यूबीटी) पदाधिकारियों के साथ सोमवार दोपहर बाद बीएमसी के एच-ईस्ट वार्ड में एक मोर्चा निकाला था और पिछले हफ्ते उपनगरीय बांद्रा में एक पार्टी कार्यालय पर की गई कार्रवाई को लेकर नाराजगी जाहिर
अधिकारियों को सामने बुलाने को कहा
परब के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल एच-ईस्ट वार्ड अधिकारी स्वप्ना क्षीरसागर से मिलने बीएमसी के कार्यालय पहुंचा। प्राथमिकी के मुताबिक, उन्होंने क्षीरसागर से उन अधिकारियों को अपने सामने बुलाने को कहा, जिन्होंने पार्टी कार्यालय को तोड़ने की कार्रवाई की थी, जबकि उस समय पार्टी कार्यालय के बोर्ड पर छत्रपति शिवाजी महाराज और शिवसेना के संस्थापक वालासाहेब ठाकरे की तस्वीरें लगी थीं।
गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी
जब नगर निगम के कुछ कर्मी सामने आए तो शिवसेना (यूबीटी) के पदाधिकारियों ने बीएमसी के सहायक अभियंता अजय पाटिल (42) के साथ कथित तौर पर मारपीट की और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद बीएमसी अधिकारियों ने वकोला थाने में शिकायत की, जिसके आधार पर परब, संतोष कदम, सदा परब, उदय दलवी और हाजी अलीम खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज
अधिकारी ने बताया कि मामला भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें 353 (लोक सेवक को कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला करना या आपराधिक बल का इस्तेमाल करना) और 506-2 (आपराधिक धमकी देना) शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है।

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