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चिरंजीवी योजना में कॉक्लियर इम्प्लांट एवं डायबिटीज रोगियों हेतु पैकेज शामिल, सीएम गहलोत ने दी मंजूरी
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राजस्थान (Rajasthan) की गहलोत सरकार (Gehlot government) ने मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (Chief Minister Chiranjeevi Health Insurance Scheme) का दायरा बढ़ाते हुए कॉक्लियर इम्प्लांट रिप्लेसमेंट एवं डायबिटीज रोगियों के लिए पैकेज शामिल किए हैं।

जयपुर : राजस्थान (Rajasthan) की गहलोत सरकार (Gehlot government) ने मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (Chief Minister Chiranjeevi Health Insurance Scheme) का दायरा बढ़ाते हुए कॉक्लियर इम्प्लांट रिप्लेसमेंट एवं डायबिटीज रोगियों के लिए पैकेज शामिल किए हैं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस संबंध में प्रस्ताव का अनुमोदन करते हुए 42 करोड़ रूपए व्यय करने की स्वीकृति प्रदान की है।कॉक्लियर इम्प्लांट रिप्लेसमेंट के लिए चार पैकेज एवं टाइप-वन डायबिटीज रोगियों के लिए इन्सुलिन पम्प के पैकेज का अनुमोदन किया गया है। प्रथम वर्ष में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संभागीय स्तर पर 7 मेडिकल कॉलेजों में इसे लागू किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि गहलोत ने बजट वर्ष 2023-24 में इस संबंध में घोषणा की थी। प्रदेश के 1 करोड़ 40 लाख से ज्यादा परिवार चिरंजीवी योजना में पंजीकृत राजस्थान स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एंजेसी की 8वीं गवर्निंग बाडी की बैठक मंगलवार को शासन सचिवालय में मुख्य सचिव श्रीमती ऊषा शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गयी । मुख्य सचिव ने इस बात ख़ुशी जाहिर की कि अब तक योजना से प्रदेश के 1 करोड़ 40 लाख से ज्यादा परिवार जुड़ चुके हैं। उन्होंने इस बात पर भी विभाग के अधिकारियों की प्रशंसा की कि योजना में पंजीकृत परिवारों में से 93 प्रतिशत से ज्यादा परिवारों ने मंहगाई राहत कैम्पों में रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि जो परिवार अब भी योजना में पंजीकृत होने से वंचित रह गये है उन्हें योजना से जोड़ा जाए। मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना की प्रगति और बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की और प्रगति पर संतुष्टि जाहिर की। अब तक 4965 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग श शुभ्रा सिंह ने बताया कि योजना में अब तक 4965 करोड़ से ज्यादा की राशि व्यय कर 44 लाख 95 हजार से ज्यादा मरीजों को कैशलेस उपचार का लाभ दिया जा चुका है। उन्होंनें बताया कि बजट घोषणा की अनुपालना में योजना से जुड़े लोगों को राज्य से बाहर अंग प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए विभाग के द्वारा दिशा- निर्देश जारी कर दिये गये हैं । अब योजना से जुड़ा कोई भी व्यक्ति राज्य के बाहर भी अंग प्रत्यारोपण करवाकर योजना का लाभ ले सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य के बाहर अंग प्रत्यारोपण के लिए जाने वाले मरीज व उसके एक सहयोगी के हवाई जहाज से आने-जाने के लिए 1 लाख रूपये तक की राशि के पुनर्भरण का प्रावधान भी किया गया है।

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