✕
असहाय बहनों के विवाह के लिए लोगों ने उड़ेल दी 'ममता' जुटाई 'लक्ष्मी'
By EditorialPublished on
आमतौर पर रोजाना सोशल मीडिया (Social Media) के दुरुपयोग की खबरें सामने आती रहती है। लेकिन भोपालगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र (Panchayat Samiti Area) के बुड़किया गांव में सोशल मीडिया की मदद से लोगों ने जनसहयोग जुटाकर न केवल दो अनाथ बेटियों लक्ष्मी व ममता की शादी में मदद की बल्कि सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग का एक बेहतरीन संदेश दिया है। स्थानीय कम्पाउंडर गुदड़राम खोजा (खांगटा) की पहल पर लोगों ने दोनों अनाथ बेटियों के हाथ पीले करवाने में दिल खोलकर मदद की है।

x

जोधपुर : आमतौर पर रोजाना सोशल मीडिया (Social Media) के दुरुपयोग की खबरें सामने आती रहती है। लेकिन भोपालगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र (Panchayat Samiti Area) के बुड़किया गांव में सोशल मीडिया की मदद से लोगों ने जनसहयोग जुटाकर न केवल दो अनाथ बेटियों लक्ष्मी व ममता की शादी में मदद की बल्कि सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग का एक बेहतरीन संदेश दिया है। स्थानीय कम्पाउंडर गुदड़राम खोजा (खांगटा) की पहल पर लोगों ने दोनों अनाथ बेटियों के हाथ पीले करवाने में दिल खोलकर मदद की है।
भोपालगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र (Bhopalgarh Panchayat Samiti Area) के बुड़किया गांव में करीब 15 साल पहले एक गरीब दम्पती भींयाराम मेघवाल व पूसीदेवी के आकस्मिक निधन के बाद उनकी दो बेटियां लक्ष्मी व ममता तथा एक बेटा बचपन में ही अनाथ हो गए थे । नियति ने इस पर भी इन अनाथ बच्चों का पीछा नहीं छोड़ा और कुछ समय बाद पता चला कि इन दोनों बेटियों में से एक बेटी ममता थोड़ी मंदबुद्धि एवं दूसरी बेटी लक्ष्मी हाथ-पैरों से दिव्यांग तथा बेटा भी मंदबुद्धि ही है । इस पर बुड़किया गांव में रहने वाले खांगटा निवासी आयुर्वेद विभाग के कम्पाउंडर गुदड़राम खोजा व कुछ लोगों ने इन बच्चों की देखभाल शुरू की और इनकी पढ़ाई-लिखाई की भी व्यवस्था की। जिस पर जैसे-तैसे कर मंदबुद्धि ममता आठवीं एवं दिव्यांग लक्ष्मी दसवीं तक पढ़ पाई। बच्चों का पिछले 15 बरसों से सारा घर खर्च व जरुरत की सारी सामग्री की व्यवस्था गुदड़राम खोजा ही कर रहे हैं और एक तरह से इस परिवार का सारा जिम्मा उन्होंने ही उठा रखा है। इस बीच बड़ी होने पर इन दोनों बेटियों की सगाई हो गई।
अनाथ बेटियों की शादी (Marriage of Orphan Daughters) का समय आया तो समाजसेवी गुदड़राम खोजा ने गांव के लोगों से भी बात की और कई लोगों ने पुनित कार्य में मदद की हामी भरी तथा लक्ष्मी व ममता के कन्यादान में भी कई लोगों ने अपना सहयोग प्रदान किया । खोजा ने जब सोशल मीडिया ग्रुप संदेश भेजा तो एक ही दिन में रविवार शाम तक करीब डेढ़ लाख रुपए की राशि एकत्रित हो गई।
खोजा ने बताया कि सोशल मीडिया ग्रुप के माध्यम से आने वाली सहयोग राशि इन दोनों बहनों में वितरण कर दी जाएगी ।लक्ष्मी व ममता के लिए एक-एक लाख रुपए की एफडी भी जनसहयोग से करवाई गई। रविवार को पूरे धूमधाम से ममता की शादी अरटिया खुर्द गांव के श्रवण पुत्र छोगाराम मेघवाल के साथ एवं लक्ष्मी की शादी कुड़ी गांव के भगवानराम पुत्र घीसाराम मेघवाल के साथ संपन्न हुई।

Editorial
Next Story
Related News
X
