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आईसीयू पहुंचे 4 जेलप्रहरी, 6 दिन से भूख हड़ताल अब तक जोधपुर सेंट्रल जेल के 50 कर्मचारी अस्पताल पहुंचे
By EditorialPublished on
पिछले 6 दिन से भूखे रहकर आंदोलन कर रहे जेल कर्मचारियों में से चार की हालत ज्यादा खराब होने पर आईसीयू में भर्ती करवाया गया है। वेतन विसंगति में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे जोधपुर सेंट्रल जेल (Jodhpur Central Jail) के जेल प्रहरी लगातार अस्पताल (Hospital) पहुंच रहे हैं।

जोधपुर : पिछले 6 दिन से भूखे रहकर आंदोलन कर रहे जेल कर्मचारियों में से चार की हालत ज्यादा खराब होने पर आईसीयू में भर्ती करवाया गया है। वेतन विसंगति में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे जोधपुर सेंट्रल जेल (Jodhpur Central Jail) के जेल प्रहरी लगातार अस्पताल (Hospital) पहुंच रहे हैं। जोधपुर सेंट्रल जेल से सोमवार तक अस्पताल पहुंचने वाले जेल कर्मचारियों (Employees) की संख्या 50 को पार कर चुकी है । इनमें से 4 जेल (Four Jail) प्रहरियों की हालत गंभीर है । जिनको इलाज के लिए आईसीयू (ICU) में भर्ती करवाया गया है।
पुलिस कर्मियों के समान वेतनमान की मांग को लेकर जेल प्रहरी पिछले 6 दिन से भूखे रहकर आंदोलन कर रहे हैं। इससे पहले 7 दिन तक उन्होंने सांकेतिक हड़ताल भी की •थी। लेकिन अब वह अपनी मांगें मनवाने के लिए आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।
जोधपुर सेंट्रल जेल सहित प्रदेश की 100 जेलों के कर्मचारियों ने पिछले 6 दिन से खाना नहीं खाया है और मैस का बहिष्कार कर रहे हैं। इसी कारण लगातार जेल प्रहरियों की तबीयत खराब हो रही है और उन्हें अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। अभी तक रेवंत सारण, सुरज्ञन, दिनेश सिंह और दिनेश को आईसीयू में भर्ती करवाया गया है। जेल कर्मचारियों का आरोप है कि इससे पहले जब उन्होंने जनवरी माह में आंदोलन किया था तो सरकार की तरफ से मांगे मान लेने का आश्वासन मिला था । लेकिन 5 महीने बीत जाने के बाद भी सरकार (Government) की तरफ से किसी प्रकार की पहल नहीं होने के कारण एक बार फिर से इनका आक्रोश बाहर आ गया। अब सरकार की ओर से किसी प्रकार का आदेश जारी नहीं होने तक वे भूखे रहकर अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
उच्च अधिकारियों ने अगले महीने तक का समय मांगा
इधर जेल विभाग के उच्चाधिकारियों ने इस आंदोलन को समाप्त करने की अपील है । उन्होंने आश्वासन दिया है कि जुलाई माह में जेल कर्मचारियों की वेतन मान संबंधित मांग मान ली जाएगी। लेकिन जेल कर्मचारी अभी तक इस आश्वासन को मानने के लिए तैयार नहीं हुए हैं।

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