Pratahkal-Acharya Mahashraman's four-month auspicious entry tomorrow

मुंबई । आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) का चार्तुमास के लिए मंगल प्रवेश 28 जून को प्रातः नंदनवन परिसर घोड़बंदर रोड पर होगा। वे साध्वी प्रमुखा विश्रुतविभा, बहुश्रुत परिषद के संयोजक मुख्यमुनि महावीर कुमार, साध्वीवर्या संबुद्धयशा एवं लगभग दो सौ चरित्र आत्माओं के साथ मुंबई अहमदाबाद हाइवे स्थित नंदनवन परिसर में प्रवेश करेंगे। प्रवेश से पूर्व रैली निकाली जायेगी। 29 जून को जैन भागवती दीक्षा का आयोजन होगा। प्रवास व्यवस्था समिति के तत्वाधान में अध्यक्ष मदनलाल तातेड के मार्गदर्शन, मुख्य प्रबंधक मनोहरलाल गोखरू, महामंत्री सुरेंद्र कुमार कोठारी, महेश कुमार बापना, कोषाध्यक्ष गौतम कोठारी, स्वागताध्यक्ष सुरेंद्र बोरड़ पटावरी के निर्देशन में प्रवेश व दीक्षा समारोह के आयोजन को भव्य बनाने समग्र समाज जुटा हुआ है।
प्रवास व्यवस्था समिति अध्यक्ष मदनलाल तातेड ने बताया कि प्रातः सात बजे रैली के साथ होने वाले मंगल प्रवेश में सभी संस्थाओं के प्रतिनिधि सहभागिता दर्ज कराएंगे। विधायक गणेश नाईक अपने परिवार के साथ आचार्य महाश्रमण की अभिवंदना कर रैली का शुभारंभ करेंगे। मुख्य प्रबंधक मनोहरलाल गोखरू के अनुसार, श्रावक श्राविका आचार्यश्री की वंदना के लिए आतुर हैं।
समारोह के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर होंगे। विशेष अतिथि विधायक प्रताप सरनाइक, गीता जैन व पूर्व विधायक नरेंद्र मेहता होंगे। महामंत्री सुरेंद्र कुमार कोठारी ने बताया कि बुधवार को प्रवेश के पश्चात संयम पथ अंगीकार करने वाले दीक्षार्थियों का वरघोड़ा दोपहर अनुकंपा भवन से प्रारंभ होगा और नंदनवन में गुरुदेव के सानिध्य में धर्मसभा में परिवर्तित होगा। दीक्षा महोत्सव में सात वैरागी संयम पथ स्वीकार करेंगे। महामंत्री महेश कुमार बापना के अनुसार प्रवेश के अगले दिन चार्तुमास के प्रारंभ का प्रथम आयोजन जैन भागवती दीक्षा के रूप में होगा। इस अवसर पर समणी विनीता प्रजा और समणी जगत प्रज्ञा श्रेणी आरोहण कर साध्वी दीक्षा ग्रहण करेगी। मुमुक्षु विपुल जैन मुनि दीक्षा लेंगे, वही मुमुक्षु अंकिता चोरड़िया, संजना पारेख, आयुषी चोपड़ा, समता बोथरा, समणी दीक्षा स्वीकार करेगी।
कोषाध्यक्ष गौतम कोठारी ने बताया कि प्रतिदिन श्रावक-श्राविका विहार सेवा में जुड़ रहे हैं। स्वागत अध्यक्ष सुरेंद्र बोरड पटावरी ने कहा कि यह पांच महीनों का चातुर्मास अच्छी आध्यात्मिक खुराक देने वाला बने। ज्ञानाराधना, चरित्राराधना और उपासना आदि का लाभ लेने का प्रयास हो।
Editorial

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