Pratahkal - Jaipur News Update - Monsoon arrived: Entry delayed by a day
जयपुर : राजस्थान में मानसून (Monsoon in Rajasthan) ने रविवार से भरतपुर (Bharatpur), कोटा, झालावाड़ के रास्ते प्रदेश में प्रवेश किया। भरतपुर, अलवर, दौसा, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, धौलपुर, कोटा, बूंदी, झालावाड़, बारां, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर (Udaipur) और चित्तौड़गढ़ (Chittorgarh) में मानसून सक्रिय हो गया है। राजस्थान में भले ही इस बार मानसून के देरी से आने की भविष्यवाणी की जा रही थी, लेकिन ये सब फेल हो गई। मानसून ने अपने निर्धारित समय से केवल एक दिन की देरी से ही राज्य में प्रवेश किया है।
सामान्यत: राजस्थान में मानसून की एंट्री 24 जून मानी जाती है। पिछले साल मानसून की एंट्री 30 जून को हुई थी।
मौसम केंद्र (Weather Station) जयपुर (Jaipur) के डायरेक्टर राधेश्याम शर्मा (Radheshyam Sharma) के मुताबिक पूरे राजस्थान में मानसून के एक्टिव होने में 2 से 4 दिन का समय लग सकता है। इस मानसून सीजन में बारिश सामान्य या उससे कम होने का पूर्वानुमान है। इधर, बिजली गिरने से बारां जिले में 2 चचेरे भाइयों और चित्तौड़गढ़ में 10 साल की एक बच्ची की मौत हो गई।
बंगाल की खाड़ी से चली हवा ने दी 'मानसून' को गति
देश में इस बार मानसून की एंट्री भले ही देरी से हुई हो, लेकिन बंगाल की खाड़ी से आई पूर्वी हवा ने अधिकांश भारत में देर कर रहे मानसून को समय पर पहुंचा दिया। राजस्थान में भी मानसून की एंट्री के लिए ये हवा अनुकूल रही। इसी कारण राजस्थान में लगातार दूसरे साल मानसून की एंट्री पूर्वी राजस्थान से हुई है। राजस्थान में मानसून सामान्यतः अरब सागर से आने वाली हवा से एंटर होता है। जो उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और झालावाड़ के रास्ते प्रवेश करता है।
भीलवाड़ा के मांडलगढ़ में चार इंच बारिश
बीती रात पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के 21 ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज हुई। बारिश का दौर कई जगह रविवार को भी रूक-रूक कर जारी रहा। सबसे ज्यादा बारिश भीलवाड़ा के मांडलगढ़ में 91 मिमी (करीब 4 इंच) दर्ज हुई। अजमेर, अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, कोटा, नागौर, पाली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, टोंक और उदयपुर जिलों में बारिश दर्ज हुई।
बिजली गिरने से 10 साल की बच्ची समेत तीन की मौत
चित्तौड़गढ़ के भोईखेडा क्षेत्र में राधा (10) पुत्री रतन भोई अपने माता-पिता के साथ खेत पर थी। तभी बिजली गिरने से राधा का आधा शरीर झुलस गया। उसे तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बारां जिले के छबड़ा तहसील के पटपड़ी गांव में खेत पर काम कर रहे 2 चचेरे भाइयों हरिराम गुर्जर (46) और कमल (32) पर तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी। दोनों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
खरीफ के लिए अच्छी शुरूआत
बारिश होने के साथ ही राज्य में खरीफ की बुवाई शुरू हो गई है। राजस्थान में खरीफ की फसलों में बाजरा, मूंगफली, ज्वार, मक्का और मूंग की सबसे ज्यादा पैदावार होती है।
Editorial

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