✕
विपक्ष की महाबैठक में 2024 का बना रोड मैप, कहा - एकजुट होकर भाजपा को हराएंगे
By EditorialPublished on
विपक्षी एकजुटता को लेकर पटना में शुक्रवार को संपन्न बहुप्रतीक्षित बैठक में शामिल विपक्षी दलों ने एक स्वर से 2024 के रोडमैप पर अपनी सहमति दी। यह तय हुआ कि सब मिलकर एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे और भाजपा (BJP) को केंद्र की सत्ता से बाहर करेंगे। मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) द्वारा बुलाई गई इस बैठक में कांग्रेस (Congress) की मौजूदगी महत्वपूर्ण थी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने यह स्पष्ट किया कि सभी राज्यों के लिए अलग-अलग ढंग से काम करना होगा। वहीं, र

पटना (एजेंसी) । विपक्षी एकजुटता को लेकर पटना में शुक्रवार को संपन्न बहुप्रतीक्षित बैठक में शामिल विपक्षी दलों ने एक स्वर से 2024 के रोडमैप पर अपनी सहमति दी। यह तय हुआ कि सब मिलकर एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे और भाजपा (BJP) को केंद्र की सत्ता से बाहर करेंगे। मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) द्वारा बुलाई गई इस बैठक में कांग्रेस (Congress) की मौजूदगी महत्वपूर्ण थी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने यह स्पष्ट किया कि सभी राज्यों के लिए अलग-अलग ढंग से काम करना होगा। वहीं, राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भी साफ किया कि हमें फ्लेक्सिबल होकर काम करना होगा।
- शिमला में तय होगा किसे कहां से आगे करना है
तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में यह तय हुआ कि विपक्षी एकजुटता की इस पहल को और विस्तार देने के लिए अगले माह 10 से 12 जुलाई को विपक्ष की एक बैठक शिमला में होगी। वहीं, यह तय होगा कि कहां किस दल को आगे करना है। इधर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) की यह मांग पूरी नहीं हो सकी कि महाबैठक में सबसे पहले दिल्ली (Delhi) के मसले पर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश पर चर्चा हो ।
- प्रेस वार्ता में नहीं आए केजरीवाल, ममता ने नाराजगी जाहिर नहीं की
राहुल गांधी ने भी इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। इसका असर यह भी दिखा कि अरविंद केजरीवाल विपक्ष के नेताओं की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस के पहले ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) की नेता और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamta Banerjee) के नाराज होने और गुस्सा करने की बात भी थी पर उन्होंने पूरे संयत भाव से कहा कि हम लोग एकजुट होकर लड़ेंगे। यह भी जोड़ा कि इतिहास बदलने वाले लोगों के लिए पटना से नया इतिहास आज आरंभ हो गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सकारात्मक होते हुए कहा कि सभी राज्यों में अलग-अलग ढंग से काम करना होगा। इस क्रम में उन्होंने यूपी, तमिलनाडु, बिहार व महाराष्ट्र आदि का नाम भी लिया। उन्होंने कहा कि एकजुट होकर लड़े तो 2024 में भाजपा को केंद्र की सत्ता से बाहर कर देंगे।
- अगले महीने शिमला में मिलेंगे : नीतीश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महाबैठक में हुई चर्चा के संबंध में बताया कि एकसाथ चलने पर सहमति हुई है। एकसाथ मिलकर सभी लोग चुनाव लड़ेंगे। अगले महीने शिमला (Shimla) में होने वाली बैठक में यह अंतिम रूप ले लेगा। कौन कहां से लड़ेगा यह तय हो जाएगा। यह देश के हित में है। जो लोग केंद्र की सत्ता में हैं, वह देश के हित में काम नहीं कर रहे। तय हुआ कि किसी भी राज्य में अगर चुनौती आएगी तो सब साथ मिलकर काम करेंगे।
- महाबैठक में ये हुए शामिल
1. राहुल गांधी 2. मल्लिकार्जुन खरगे 3. शरद पवार 4. नीतीश कुमार 5. लालू प्रसाद 6. डी राजा 7. सीताराम येचुरी 8. अखिलेश यादव 5. उमर अब्दुल्ला 5. महबूबा मुफ्ती 6. ममता बनर्जी 7. एमके स्टालिन 8. अरविंद केजरीवाल 9. भगवंत मान 10. संजय सिंह 11. राघव चढ्ढा 12. हेमंत सोरेन 13. राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह 14. दीपांकर भट्टाचार्या 15 तेजस्वी यादव 16. संजय झा 17. उद्धव ठाकरे 18. आदित्य ठाकरे 19. संजय राउत ।
- इन दलों की सहभागिता
1. कांग्रेस 2 राजद 3. जदयू 4. एनसीपी 5 आप 6. डीएमके 7. एनसीपी 8 शिवसेना (उद्धव- बाला साहब ठाकरे) 9. तृणमूल कांग्रेस 10. माकपा 11. भाकपा 12. भाकपा (माले) 13. नेशनल कांफ्रेंस 14. पीडीपी 15. सपा ।
- प्रधानमंत्री मोदी नहीं, खजाने पर है निशाना, विपक्ष की बैठक पर भाजपा ने उठाए सवाल; ओवैसी ने पूछ लिया ट्रैक रिकॉर्ड
नई दिल्ली (एजेंसी) । कांग्रेस, जेडीयू, आम आदमी पार्टी समेत 15 विपक्षी दलों ने शुक्रवार को बिहार (Bihar) की राजधानी पटना (Patna) में बैठक में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बुलाई गई बैठक में अगले लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) में एकसाथ लड़ने पर सहमति बनी। आगे की रणनीति के लिए अगले महीने शिमला में भी बैठक बुलाई गई है। विपक्ष की इस बैठक पर भाजपा की प्रतिक्रिया आई है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए दावा किया ये सभी दल एक-दूसरे को आंख नहीं सुहाते थे। वहीं, एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी विपक्ष की बैठक पर सवाल उठाते हुए इनमें शामिल हुईं पार्टियों का ट्रैक रिकॉर्ड के बारे में पूछा है। विपक्ष की बैठक खत्म होने के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, ‘’आज वे राजनीतिक दल जो एक दूसरे को आंख नहीं सुहाते थे, इक हुए एक ऐसे संकल्प के साथ जो भारत (India) को आर्थिक प्रगति से वंचित कर पाए । स्वार्थ का यह गठबंधन बहुमुखी है और संवाद अलग-अलग शैली में करता है।" उन्होंने आगे कहा कि शुरूआत में ही आम आदमी पार्टी का ब्लैकमेल करना इस नापाक गठबंधन के भविष्य को दिखाता है। इस विपक्षी एकता के निशाने पर प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) नहीं, बल्कि देश का खजाना है।
- जहां कांग्रेस वहां हम नहीं : आप
साल 2024 में लोकसभा चुनाव होने हैं। चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टक्कर देने के लिए तमाम विपक्षी दल एक साथ खड़े हो गए हैं। इसी कड़ी में आज पटना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विरोधी दलों का महाजुटान हुआ। इस बैठक में कुल 15 दल शामिल हुए। करीब तीस से अधिक विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का प्लान बनाया। बैठक की मेजबानी बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने किया। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि सभी दल एक साथ चुनाव लड़ेंगे। हालांकि इस बैठक के बाद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) खासा नाराज दिख रही है। वहीं बैठक के बाद विपक्षी दलों के साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी सीएम केजरीवाल नहीं दिखे। नाखुश आप ने एक बयान जारी कर अपनी नाराजगी की वजह भी बताई। दरअसल, आप केंद्र के ट्रांसफर-पोस्टिंग वाले अध्यादेश के खिलाफ कांग्रेस का सपोर्ट चाहती है। पटना बैठक में शामिल 15 में से कुल 12 दलों का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व है। इनमें से कांग्रेस को छोड़कर सभी दलों ने केजरीवाल का समर्थन किया है। इसी बात को लेकर कांग्रेस नाखुश है। बयान जारी कर आप ने कहा, केंद्र के अध्यादेश को लेकर कांग्रेस की चुप्पी और झिझक की वजह से आप के लिए किसी भी गठबंधन का हिस्सा बनना बहुत मुश्किल हो जाएगा जिसमें कांग्रेस शामिल होगी।

Editorial
Next Story
Related News
X


