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3 दिन से मैस बहिष्कार, भूखे बैठे हैं जेल प्रहरी शहर में रैली निकालकर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
By EditorialPublished on
जोधपुर सेंट्रल जेल (Jodhpur Central Jail) सहित राजस्थान की 100 जेलो के जेल प्रहरी 3 दिन से मैस का बहिष्कार कर भूख हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को इन्होंने शहर में रैली निकालकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। जेल प्रहरी पुलिसकर्मियों (Policemen) के समान ही वेतनमान चाहते हैं । इसी मांग को लेकर एक बार फिर से आंदोलन कर रहे हैं। पहले 7 दिन तक काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और अब पिछले 3 दिन से मैस का बहिष्कार कर भूखे पेट अपनी ड्यूटी कर रहे हैं।

जोधपुर : जोधपुर सेंट्रल जेल (Jodhpur Central Jail) सहित राजस्थान की 100 जेलो के जेल प्रहरी 3 दिन से मैस का बहिष्कार कर भूख हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को इन्होंने शहर में रैली निकालकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। जेल प्रहरी पुलिसकर्मियों (Policemen) के समान ही वेतनमान चाहते हैं । इसी मांग को लेकर एक बार फिर से आंदोलन कर रहे हैं। पहले 7 दिन तक काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और अब पिछले 3 दिन से मैस का बहिष्कार कर भूखे पेट अपनी ड्यूटी कर रहे हैं।
सिर्फ जोधपुर ही नहीं राजस्थान की छोटी बड़ी 100 जेलों के कर्मचारी पिछले 3 दिन से भूखे हैं। इससे पहले जनवरी माह में भी इन कर्मचारियों ने इसी मांग को लेकर आंदोलन किया था और कई अस्पताल में भर्ती भी हो गए थे। अब एक बार फिर से सरकार से आर-पार की लड़ाई में उतर गए। शुक्रवार को जोधपुर सहित राजस्थान के सभी शहरों में जेल प्रहरियों ने रैली निकाली। जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया और आगे आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी दी। जोधपुर में सेंट्रल जेल परिसर से कलेक्ट्रेट तक यह रैली निकाली गई । जोधपुर सेंट्रल जेल में सैकड़ों की संख्या में जेल प्रहरी पहले 7 दिन तक काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध जताते रहे। अब 21 जून से लगातार मैस का बहिष्कार कर भूख हड़ताल कर रहे हैं। जेल प्रहरियों ने बताया कि वह सरकार (Government) के खिलाफ आंदोलन जरूर कर रहे हैं, लेकिन अपनी ड्यूटी भी साथ में कर रहे हैं। मैस बहिष्कार करते हुए भी वे अपनी 8 घंटे की ड्यूटी पूरी तरह से निभा रहे हैं।
5 महीने पहले हुआ था समझौता :
जेल प्रहरी होना इससे पहले जनवरी माह में भी आंदोलन किया था तब भी कई दिन मैस का बहिष्कार कर भूखे रहे थे। उन्हीं दिनों जोधपुर सहित राजस्थान के कई शहरों से जेल प्रहरियों की तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती भी करवाया गया था। तब सरकार के प्रतिनिधि मंडल ने जेल प्रहरियों की मांगों को मानने का आश्वासन दिया और आंदोलन को खत्म किया था। लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्यवाही नहीं होने से एक बार फिर प्रदेश के सभी जेल प्रहरी आंदोलन पर उतर आए हैं।

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