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बोरीवली प्रवास के अंतिम दिन दिया पावन संदेश
By EditorialPublished on
तुर्मास (Chaturmas) स्थल में प्रवेश से पूर्व आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) की मुम्बई (Mumbai) महानगर के उपनगरों की यात्रा से ये क्षेत्र आध्यात्मिकता से ओतप्रोत नजर आ रहे हैं।

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मुंबई । चातुर्मास (Chaturmas) स्थल में प्रवेश से पूर्व आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) की मुम्बई (Mumbai) महानगर के उपनगरों की यात्रा से ये क्षेत्र आध्यात्मिकता से ओतप्रोत नजर आ रहे हैं।
दो दिवसीय प्रवास के लिए बोरीवली के संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान परिसर में स्थित त्रिमूर्ति दिगम्बर जैन मंदिर में प्रवचन पण्डाल में उन्होंने कहा कि दुनिया में बुद्ध भी हुए तो अनेकों युद्ध भी हुए हैं। अनेक-अनेक आत्माएं बोधि को प्राप्त कर बुद्ध बन गईं तो कितने-कितने आत्माओं ने युद्ध भी किया। केवल ज्ञान की प्राप्ति हो ज्ञान, दर्शन और चारित्र भी परम को स्वतः प्राप्त हो जाता है। ज्ञान के दो प्रकार बताए गए हैं-क्षायिक ज्ञान और क्षायोपशमिक ज्ञान। क्षायिक ज्ञान, दर्शन और चारित्र की प्राप्ति के लिए शास्त्र की आवश्यकता होती है। शास्त्र वह होता है, जिसमें शासन करने की शक्ति और त्राण देने की भी क्षमता होती है। आदमी को शास्त्रों से ज्ञान का अर्जन कर स्वयं की आत्मा से युद्ध करने का प्रयास करना चाहिए। इस आत्मयुद्ध में मोहनीय कर्म रूपी शत्रु को पराजीत कर अपनी आत्मा के उत्थान का प्रयास करना चाहिए। क्रोध रूपी शत्रु पर विजय प्राप्त करने के लिए उपशम रूपी शस्त्र की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार अहंकार को मार्दव से, माया को आर्जव से और लोभ को संतोष रूपी शस्त्र से जीता जा सकता है। इस प्रकार आत्म योद्धा बनकर अपनी आत्मा के कल्याण का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने मुम्बई में होने वाली इक्कीस रंगी तपस्या के संदर्भ में कहा कि यह एक अच्छा प्रयास है। साध्वीवर्या साध्वी सम्बुद्धयशा ने भी उद्बोधित किया। प्रथम दिवस साध्वी प्रमुखा विश्रुत विभा ने प्रेरणा प्रदान की। संचालन मुनि दिनेश कुमार ने किया। तेरापंथी सभा बोरीवली के अध्यक्ष कैलाश बेताला ने स्वागत भाषण दिया। युवक परिषद अध्यक्ष मिलाप बाफना बोरीवली प्रवास संयोजक संजय बोथरा महिला मंडल संयोजिका लीला मालू स्थानीय दिगंबर समाज अध्यक्ष जितेंद्र किकावत किशोर धाकड़ तारा मुनोत शीला बेताला ने विचार रखे। महिला मण्डल, किशोर मण्डल, ज्ञानार्थियो व शांतिलाल दूगड़ ने गीतों का संगान किया। कन्या मण्डल ने भावपूर्ण प्रस्तुति दी। आभार ज्ञापन सभा मंत्री ललित सिंघवी व परिषद मंत्री विनीत चोरड़िया ने किया।
तेरापंथी सभा मुंबई के कार्याध्यक्ष नवरत्न गन्ना निवर्तमान अध्यक्ष नरेंद्र तातेड तुलसी महाप्रज्ञ फाउंडेशन अध्यक्ष विनोद बोहरा भारत जैन महामंडल के उपाध्यक्ष बाबूलाल बापना कमलेश बोहरा त्रिमूर्ति मंदिर के विवेक भाई संदीप भाई भी उपस्थित रहे। आयोजन ऐतिहासिक बनाने में कैलाश बेताला की टीम मंत्री ललित सिंघवी राकेश बेंगानी विजय बोथरा महेंद्र नाहटा जितेंद्र लोढ़ा धर्मेंद्र चोपड़ा उदयलाल धाकड़ संजय बेताला कमल सेठिया शांतिलाल चौधरी महेंद्र भंसाली राजकुमार बेंगानी युवक परिषद अध्यक्ष मिलाप बापना की टीम विनीत चोरड़िया वरुण भंसाली विकास धाकड़ शैलेश धाकड़ हेमंत सेठिया भरत धाकड़ महावीर बोर्दिया मनोज बेद अल्पेश बापना शैलेश डूंगरवाल कमलेश तातु नितेश बेगानी भरत छाजेड़ , रवि चंडालिया अनिल गुंदेचा गौरव भंसाली संदीप डांगलिया जयेश चोरड़िया राकेश डागलिया अनिल चोरड़िया हितेश डागलिया भावेश चौधरी प्रवीण सिंघवी पियूष सेठिया विजय चोपड़ा पियूष चपलोत संजय ढेलरियां शंकर धाकड़ महिला मंडल संयोजिका लीला मालू टीना डागलिया संगीता सिंघी संगीता धाकड़ उषा सिंघवी प्रतिभा बेद राजू मुनोत पुष्पा भंसाली मीता सेठिया नीलू सिंघवी चंदा धाकड़ खुशबू बेंगाणी रतन बडाला मोनिका चोपड़ा ममता बोहरा सक्रिय रहे।
त्रिमूर्ति दिगम्बर जैन मंदिर

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