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केंद्रीय मंत्री शेखावत की बढ़ी मुश्किल
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राजस्थान (Rajasthan) में विधायकों की खरीद-फरोख्त (Horse Trading) से जुड़े मामले में केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) के वॉयस सैंपल लेने की राज्य सरकार की अर्जी पर हाईकोर्ट (High Court) ने शेखावत को जारी किए नोटिस । उल्लेखनीय है कि निचली अदालत ने खारिज कर दी थी अर्जी। कोर्ट ने नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। अवकाशकालीन जस्टिस चंद्रकुमार सोनगरा की एकलपीठ ने आदेश दिए है। राज्य सरकार की ओर से पेश याचिका पर जवाब दिए गए है। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता घनश्या

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कार्यालय संवाददाता जयपुर । राजस्थान (Rajasthan) में विधायकों की खरीद-फरोख्त (Horse Trading) से जुड़े मामले में केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) के वॉयस सैंपल लेने की राज्य सरकार की अर्जी पर हाईकोर्ट (High Court) ने शेखावत को जारी किए नोटिस । उल्लेखनीय है कि निचली अदालत ने खारिज कर दी थी अर्जी। कोर्ट ने नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। अवकाशकालीन जस्टिस चंद्रकुमार सोनगरा की एकलपीठ ने आदेश दिए है। राज्य सरकार की ओर से पेश याचिका पर जवाब दिए गए है। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता घनश्याम सिंह राठौड़ ने पैरवी की। बता दें ट्रायल कोर्ट ने एसीबी के वायस सैंपल लेने की अर्जी खारिज कर दी थी । ट्रायल कोर्ट के आदेश की अपीलल को एडीजे कोर्ट ने कर दिया था खारिज | 17 फरवरी 2023 को खारिज कर दिया था।
- गलत तरीके से एसीबी के प्रार्थना पत्र को खारिज किया
याचिका में अतिरिक्त महाधिवक्ता घनश्याम सिंह राठौड़ ने अदालत को बताया कि निचली अदालत ने गलत तरीके से एसीबी (ACB) के प्रार्थना पत्र को खारिज किया है। निचली अदालत ने जिस आधार पर वॉइस सैंपल लेने के संबंध में एसीबी का प्रार्थना पत्र को खारिज किया है, वह प्रावधान ब्लड सैंपल और हैंडराइटिंग के सैंपल लेने के मामले में लागू होता है। जबकि यह मामला वॉइस सैंपल लेने का है। जांच एजेंसी गिरफ्तार किए बिना भी वॉइस सैंपल ले सकती है। सुप्रीम कोर्ट भी पूर्व में अन्य मामले में तय कर चुका है कि अनुसंधान एजेंसी को जरूरत होने पर वह संबंधित व्यक्ति की वॉइस सैंपल ले सकती है । ऐसे में निचली अदालतों के आदेश को रद्द करते हुए एसीबी को गजेन्द्र सिंह की वॉइस सैंपल लेने की अनुमति दी जाए, जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने गजेन्द्र सिंह को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
- 2020 में तीन ऑडियो क्लिप वायरल हुई थी
गौरतलब है कि जुलाई, 2020 में तीन ऑडियो क्लिप वायरल हुई थी। जिसमें विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर बातचीत की जा रही थी। आरोप है कि इस ऑडियो क्लिप में केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह और संजय जैन की आवाज है। ऑडियो क्लिप के आधार पर पहले एसओजी ने मामला दर्ज किया था। बाद में एसओजी की ओर से क्षेत्राधिकार के आधार पर एफआर पेश की गई थी। दूसरी ओर समान मामले में एसीबी ने भी संजय जैन, विधायक भंवरलाल शर्मा और गजेंद्र सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था। प्रकरण में एसीबी ने संजय जैन को गिरफ्तार भी किया था। इसके बाद निचली अदालत ने एसीबी को संजय जैन का वॉयस सैंपल लेने की अनुमति दी थी, लेकिन संजय ने सैंपल देने से मना कर दिया था। निचली अदालत ने गजेन्द्र सिंह का सैंपल लेने के लिए एसीबी की ओर से पेश प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ पेश रिवीजन को एडीजे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। राज्य सरकार की ओर से इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। केंद्रीय मंत्री शेखावत विधायक खरीद- फरोख्तत मामले में उनकी भूमिका से इनकार करते रहे हैं।

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