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रेलयात्रा 12 : अमेरिका के 5 राज्यों में अलगाववादी आन्दोलन
By EditorialPublished on
केलीफोर्निया में अमेरिका की सर्वाधिक आबादी बसती है। अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में इसके सर्वाधिक मत होते हैं। जिस तरह हमारे यहां केन्द्र सरकार के गठन मैं उत्तर प्रदेश की महत्ती भूमिका रहती है, वैसी ही केलीफोर्निया की भी है। न्यूयार्क के बाद यहां का लॉस एंजलेस देश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है।

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रेलयात्रा : केलीफोर्निया में अमेरिका की सर्वाधिक आबादी बसती है। अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में इसके सर्वाधिक मत होते हैं। जिस तरह हमारे यहां केन्द्र सरकार के गठन मैं उत्तर प्रदेश की महत्ती भूमिका रहती है, वैसी ही केलीफोर्निया की भी है। न्यूयार्क के बाद यहां का लॉस एंजलेस देश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है।
16 वीं और 17 वीं शताब्दी में विभिन्न यूरोपीयन साम्राज्यों द्वारा यहां के आदिवासियों को हटा कर इस पर आधिपत्य किया गया। अन्ततः स्पेन ने यहां अपना कब्जा स्थापित किया और इसे न्यू स्पेन का हिस्सा बनाया, बाद में इसे मेक्सिको में मिला दिया गया। 1848 में मेक्सिको और अमेरिका के बीच युद्ध के बाद केलिफोर्निया का अमेरिका में विलय हो गया। यही वजह है कि इस समूचे क्षेत्र में आज भी स्पेनिश प्रभाव देखने को मिलता है। सभी प्रमुख स्थानों के नामों में यह प्रभाव परिलक्षित होता है। स्पेनिश केलिफोर्निया की दूसरी अधिकृत भाषा है। केलिफोर्निया सोने की खोज के लिये भी प्रसिद्ध है, दुनिया भर के लोग यहां सोने की खोज में आये जिससे यहां के सामाजिक परिवेश में परिवर्तन आया।
आज भी प्रदेश के कुछ वर्गों में अमेरिका से अलग होकर स्वतन्त्र केलिफोर्निया देश बनाने की ज्वाला धधक रही है। केलिफोर्निया यदि अलग हो जाये तो यह 2.3 ट्रीलीयन डालर जी.डी.पी. का देश बन सकता है जो विश्व की 8 वीं सबसे बड़ी इकोनोमी हो सकती है। ब्राजील व इटली से भी उपर। इन्हीं विचारों को लेकर केलिफोर्निया नेशनल पार्टी बनाई गई है मगर इसे ज्यादा समर्थन नहीं है। यह पार्टी स्कोटलेण्ड की तरह केलीफोर्निया में भी जन मत संग्रह कराना चाहती है।
अमेरिका कभी कश्मीर को लेकर जनमत की बात करे तो भारत क भी केलीफोर्निया जैसे प्रदेशों की एसी मांगें उसके मुँह पर मारनी चाहिये। इस सा 4 जुलाई को जब अमेरिका में अंग्रेजों की गुलामी से स्वतन्त्रता का दिवस मनाय गया था तब ब्रिटेन द्वारा यूरोपीय यूनियन से बाहर निकलने हेतु किये गये जन म संग्रह ब्रेक्सिट ने यहां के पृथकतावादी संगठनों में प्रेरणा का संचार किया।
- अमेरिका के 5 राज्यों में अलगाववादी आन्दोलन
केलीफोर्निया में अमेरिका की सर्वाधिक आबादी बसती है। अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में इसके सर्वाधिक मत होते हैं। जिस तरह हमारे यहां केन्द्र सरकार के गठन मैं उत्तर प्रदेश की महत्ती भूमिका रहती है, वैसी ही केलीफोर्निया की भी है। न्यूयार्क के बाद यहां का लॉस एंजलेस देश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है।
16 वीं और 17 वीं शताब्दी में विभिन्न यूरोपीयन साम्राज्यों द्वारा यहां के आदिवासियों को हटा कर इस पर आधिपत्य किया गया। अन्ततः स्पेन ने यहां अपना कब्जा स्थापित किया और इसे न्यू स्पेन का हिस्सा बनाया, बाद में इसे मेक्सिको में मिला दिया गया। 1848 में मेक्सिको और अमेरिका के बीच युद्ध के बाद केलिफोर्निया का अमेरिका में विलय हो गया। यही वजह है कि इस समूचे क्षेत्र में आज भी स्पेनिश प्रभाव देखने को मिलता है। सभी प्रमुख स्थानों के नामों में यह प्रभाव परिलक्षित होता है। स्पेनिश केलिफोर्निया की दूसरी अधिकृत भाषा है। केलिफोर्निया सोने की खोज के लिये भी प्रसिद्ध है, दुनिया भर के लोग यहां सोने की खोज में आये जिससे यहां के सामाजिक परिवेश में परिवर्तन आया।
आज भी प्रदेश के कुछ वर्गों में अमेरिका से अलग होकर स्वतन्त्र केलिफोर्निया देश बनाने की ज्वाला धधक रही है। केलिफोर्निया यदि अलग हो जाये तो यह 2.3 ट्रीलीयन डालर जी.डी.पी. का देश बन सकता है जो विश्व की 8 वीं सबसे बड़ी इकोनोमी हो सकती है। ब्राजील व इटली से भी उपर। इन्हीं विचारों को लेकर केलिफोर्निया नेशनल पार्टी बनाई गई है मगर इसे ज्यादा समर्थन नहीं है। यह पार्टी स्कोटलेण्ड की तरह केलीफोर्निया में भी जन मत संग्रह कराना चाहती है।
अमेरिका कभी कश्मीर को लेकर जनमत की बात करे तो भारत क भी केलीफोर्निया जैसे प्रदेशों की एसी मांगें उसके मुँह पर मारनी चाहिये। इस सा 4 जुलाई को जब अमेरिका में अंग्रेजों की गुलामी से स्वतन्त्रता का दिवस मनाय गया था तब ब्रिटेन द्वारा यूरोपीय यूनियन से बाहर निकलने हेतु किये गये जन म संग्रह ब्रेक्सिट ने यहां के पृथकतावादी संगठनों में प्रेरणा का संचार किया।
ब्रेक्सिट की तरह टेक्सिट टेक्सास द्वारा अमेरिका से अलग होने, वेक्सिट-वरमोन्ट का, एन. एच. एक्सीट-न्यू हेम्प शायर का, हेवेक्सिट - हवाई का तथा केलेक्सिट केलीफोर्निया का अमेरिका से अलग होने का आन्दोलन हुआ। दुनिया भर में अलगाववादी आन्दोलनों को हवा देने वाले अमेरिका के लिये है घरेलू आन्दोलन दुखती रग बन गये हैं।
ट्रेन अपनी गति से आगे बढ़ रही थी, एक के बाद एक स्टेशन निकल रहे थे। दोपहर 12 बजे के लगभग हम लॉस एंजलेस के बाहरी इलाके में पहुँच गये, अभी गंतव्य बहुत दूर था, लोगों को भूख लग आई थी मगर केफे में सामान खत्म हो चुका था। लंच की कोई व्यवस्था थी ही नहीं इस कारण जिसे जो मिला ले लिया। मैंने भी पूड़ियों की अन्तिम खेप निपटा दी। एक बजे के लगभग हम रिवर साइड पहुँच गये, यह एल.ए. का सबर्ब था, एल.ए. के कई यात्री यहां उतर रहे थे। इसके बाद फुलरटन आया, यह स्टेशन मुनीश के घर के समीप था मगर मुझे पता ही नहीं था, मैंने अपना सामान तो एल.ए. स्टेशन के लिये बुक कराया था इसलिये बीच में उतर भी नहीं सकता था वरना घन्टा डेढ घन्टा बच जाता। अन्ततः ढाई बजे के लगभग ट्रेन लॉस एंजलेस स्टेशन पर पहुँची।
ब्रेक्सिट की तरह टेक्सिट टेक्सास द्वारा अमेरिका से अलग होने, वेक्सिट-वरमोन्ट का, एन. एच. एक्सीट-न्यू हेम्प शायर का, हेवेक्सिट - हवाई का तथा केलेक्सिट केलीफोर्निया का अमेरिका से अलग होने का आन्दोलन हुआ। दुनिया भर में अलगाववादी आन्दोलनों को हवा देने वाले अमेरिका के लिये है घरेलू आन्दोलन दुखती रग बन गये हैं ।
ट्रेन अपनी गति से आगे बढ़ रही थी, एक के बाद एक स्टेशन निकल रहे थे। दोपहर 12 बजे के लगभग हम लॉस एंजलेस के बाहरी इलाके में पहुँच गये, अभी गंतव्य बहुत दूर था, लोगों को भूख लग आई थी मगर केफे में सामान खत्म हो चुका था। लंच की कोई व्यवस्था थी ही नहीं इस कारण जिसे जो मिला ले लिया। मैंने भी पूड़ियों की अन्तिम खेप निपटा दी। एक बजे के लगभग हम रिवर साइड पहुँच गये, यह एल.ए. का सबर्ब था, एल.ए. के कई यात्री यहां उतर रहे थे। इसके बाद फुलरटन आया, यह स्टेशन मुनीश के घर के समीप था मगर मुझे पता ही नहीं था, मैंने अपना सामान तो एल.ए. स्टेशन के लिये बुक कराया था इसलिये बीच में उतर भी नहीं सकता था वरना घन्टा डेढ घन्टा बच जाता। अन्ततः ढाई बजे के लगभग ट्रेन लॉस एंजलेस स्टेशन पर पहुँची।

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